Gorakhpur हादसे को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर

लखनऊ। उप्र के गोरखपुर जिले में कथित रूप से आक्सीजन की कमी के कारण हुई मासूम बच्चों की मौत को लेकर अब इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खण्डपीठ में जनहित याचिका दायर की गयी है। याचिका में दोषियों के खिलाफ कार्यवाई करने एवं पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच की मांग की गयी है।

आरटीआई एक्टिविस्ट और अधिवक्ता डॉ. नूतन ठाकुर ने गोरखपुर के दुखद हादसे के सम्बन्ध में बुधवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट के लखनऊ बेंच में जनहित याचिका दायर की। दायर याचिका में उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार तथा उसके अंगों द्वारा लगातार मीडिया में आ रही ऑक्सीजन की कमी से मौत होने की खबर को नाकारा जा रहा है, जिससे ऐसा सन्देश गया है कि वे कुछ छिपाना चाहते हैं और कतिपय लोगों का बचाव किया जा रहा है।

डा. ठाकुर ने कहना है कि लोगों में यह धारणा है कि मुख्य सचिव के नेतृत्व वाला जाँच दल सरकार के पूर्व के रुख का ही समर्थन करेगा। ऐसे में न्यायिक जाँच का अनुरोध किया गया है। इसके पीछे यह तर्क दिया गया है कि ताकि सभी तथ्य सामने आ सकें और कोई दोषी व्यक्ति बच न सके।

याचिका में सरकार को ऐसे निर्देश देने के लिए भी प्रार्थना की गयी है जिससे गोरखपुर जैसा हादसा दुबारा न हो सके। वहीं बीआरडी मेडिकल कॉलेज के डॉ. कफील खान द्वारा निजी प्रैक्टिस करने की बात सामने आने पर याचिका में हाईकोर्ट द्वारा पूर्व में सरकारी डॉक्टरों के निजी प्रैक्टिस पर प्रतिबन्ध लगाये जाने के आदेश का भी पूर्ण पालन कराये जाने की प्रार्थना की गयी है।

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