मजदूर की पत्नी ले उड़ा B.J.P.  सांसद

Labor's wife lifted by B.J.P. M.P. Mukesh Rajput mediaamantra.com

(शिवम तिवारी)

लखनऊ। शुचिता व नैतिकता की बात करने वाले और भगवा रंग का चोला ओढ़े वास्तव में कितने पाक-साफ हैं, इसकी नजीर समय-समय पर मिलती रहती है। मोदी सरकार के शपथ लेने के ठीक बाद उनके मंत्रिमंडल में राज्यमंत्री पर बलात्कार का आरोप लगा था। इसी तरह भगवा पार्टी के कई और सांसदों पर भी अब तक संगीन आरोप लग चुके हैं।

ताजा मामला फतेहगढ़ जनपद का है जहां के वर्तमान सांसद के ऊपर एक मजदूर ने ऐसे-ऐसे आरोप लगाए कि एसपी साहब के फाख्ते उड़ गए। आरोप है, सांसद मजदूर की पत्नी और उसकी बेटी को भगा ले गए। यहीं नहीं माननीय सांसद ने मजदूर को उसकी बेटी की मौत की झूठी सूचना देते हुए पत्नी को तलाक देने का जबरन दबाव बनाने का प्रयास किया।

Labor's wife lifted by B.J.P. M.P. farukkhabad mediaamantra.com

पत्नी वियोग में जी रहा मजदूर तब सन्न रह गया जब उसे मालूम चला कि उसकी बेटी जीवित है और पत्नी और बेटी का नाम भी सांसद ने बदलवा दिया है व उसे दिल्ली व लखनऊ स्थित आवासों पर रखते हैं। जिसके बाद उसने इसकी जानकारी लिखित रूप में एसपी फतेहगढ़ को देते हुए डी.एन.ए. तक कराने की मांग कर डाली। हालांकि इन आरोपों को जिले की सपा-भाजपा की राजनैतिक प्रतिद्वन्द्विता के रूप में भी देखा जा रहा है।

लिंजीगंज शहर कोतवाली फर्रूखाबाद जनपद फतेहगढ़ के रहने वाले पेशे से छपाई मजदूर नन्द किशोर राजपूत द्वारा पुलिस अधीक्षक फतेहगढ़ को दिए गए लिखित प्रार्थनापत्र के मुताबिक, थाना कासगंज, नगरा खुषकरी के रहने वाले पूर्व पेशकार हीरालाल की बेटी संध्या से उसका विवाह विगत 9 फरवरी वर्ष 2000 में हुआ था। उसके मुताबिक, विगत वर्ष 2006 में करवाचौथ से 10 दिन पूर्व ही उसकी पत्नी संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गयी।

जब काफी समय बाद भी वह नहीं लौटी तो वह पत्नी के मायके जा पहुंचा जहां उसे मालूम चला कि संध्या वहां नहीं गयी। उसके मुताबिक, संध्या अपने सारे कपड़े, जेवर व 5 वर्ष की बेटी को भी साथ ले गयी थी।

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नन्द किशोर के मुताबिक, 2 महीने बाद वहां के सांसद मुकेश राजपूत ने उसे बुलवाया और उसके बेटी की मृत्यु हो जाने की बात कही। जब तक वह कुछ समझ पाता माननीय सांसद जी ने उसे संध्या को तलाक देने के दबाव बनाया। लेकिन उसने तलाक देने से इंकार कर दिया। जिसके बाद उसे भद्दी—भद्दी गालियां देकर भगा दिया गया।

प्रार्थना पत्र में दी गयी जानकारी के मुताबिक, अब उसे मालूम चला है कि उसकी पत्नी की शादी की जानकारी उससे होने के बावजूद सांसद ने उसे और उसकी बेटी को भगवाया है। यही नही सांसद ने उसकी पत्नी संध्या व बेटी का नाम तक बदल कर मामले को छुपाए रखने की कोषिष की है।

अपनी लिखित प्राथमिकी में अपनी बात को पुख्ता करने के लिए मजदूर नन्द किशोर ने स्वयं का डी.एन.ए. कराकर जांच कराने तक का दावा किया है। वहीं इस मामले में जब सांसद से मीडियामंत्रा के प्रतिनिधि ने जानकारी करने का प्रयास किया तो उनका फोन तक नहीं उठा।

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