बिजली चोरी की सूचना देने वालों को मिलेगा ईनाम, अध्यापक भर्ती में होगी लिखित परीक्षा

लखनऊ । प्रदेश सरकार ने बिजली चोरी की सूचना देने वालों को पुरस्कृत करने, अध्यापक चयन नियमावली में संशोधन कर मेरिट एवं साक्षात्कार प्रक्रिया की समाप्त करने तथा भूजल में गिरावट रोकने के लिए किसानों को स्प्रिंकल सिंचाई के संसाधनों पर अनुदान दिए जाने के निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को यहां राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक हुई। बैठक में लिए गए निर्णयों के बावत राज्य सरकार के प्रवक्ता एवं काबीना मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि मंत्रिपरिषद ने आज की बैठक में आठ निर्णयों पर अपनी मुहर लगायी।

मंत्रिपरिषद ने सरकार द्वारा बिजली चोरी रोकने की नीयत से चोरों की जानकारी देने वाले को ईनाम देने का निर्णय लिया है। मंत्रिपरिषद ने इस मामले में गुजरात और हरियाणा का माॅडल अपनाने का फैसला लेते हुए इस आषय के प्रस्ताव पर मुहर लगाई है।

इसमें जुर्माने के तौर पर मिलने वाली कम्पाउंडिंग राशि का 10 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि के रूप में वसूली के प्राप्त होने पर सूचना देने वाले को दिया जाएगा। अभी यह फैसला पांच किलो वाट के ऊपर के कनेक्शन पर जिसमे चोरी होने के मामले ज्यादा आ रहे हैं उन पर लागू होगा।

इसके अलावा प्रदेश सरकार की ‘पावर फार ऑल’ योजना के तहत सूबे में सभी को बिजली मिल सके इसके लिए सरकार ने ऋण लेने का फैसला किया है। इसके तहत ‘उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन लिमिटेड’ (यूपीपीसीएल) के लिए 1250 करोड़ विद्युत् वितरण और 843.75 करोड़ पारेषण पर काम के लिए वित्तीय संस्थाओं से ऋण लिया जाएगा।

प्रवक्ता ने बताया कि इसके अलावा मंत्रिपरिषद ने अध्यापक चयन नियमावली में भी संशोधन का फैसला किया है, अब पहले की तरह दसवीं, बारहवीं, स्नातक और बीएड आदि के प्राप्तांकों को जोड़कर मेरिट लिस्ट बनाने की प्रक्रिया समाप्त कर दी गयी है, अब स्नातक के साथ बीएड पास वाले अभ्यर्थी अध्यापक नियुक्त किये जाने के लिए लिखितपरीक्षा दे सकेंगे।

भू जल में गिरावट रोकने के लिए Govt देगी Farmer’s को अनुदान

परीक्षा आयोग द्वारा आयोजित कराई जाएगी, परीक्षा में पास होने के बाद अलग से कोई साक्षात्कार नहीं होगा। इसके अलावा मंत्रिपरिषद ने भूजल की गिरावट को नियंत्रण करने के लिए किसानो को स्प्रिंकल सिंचाई करने के लिए प्रेरित करने का निर्णय लिया है।

इसके तहत प्रदेश में 261 जो अत्यंत दोहित क्षेत्र हैं, वहां स्प्रिंकल सिंचाई हेतु किसानों को इस प्रकार की सिंचाई के संसाधनों पर 90 प्रतिशत एवं अन्य क्षेत्रों में 80 प्रतिशत अनुदान मिलेगा।

इसके अलावा प्रदेश सरकार अब क्षेत्रीय हवाई यात्रा को भी बढ़ावा देने जा रही है, इस क्षेत्र में केंद्र सरकार की एक योजना योजना 20 सीटर एयरक्राफ्ट की यात्रा के लिए ‘उड़ान’ के नाम से पहले ही लागू है। अब यूपी सरकार प्रदेश के कानपुर एवं बस्ती मण्डल छोड़कर बाकी 15 मण्डल में क्षेत्रीय उड़ान को बढ़ावा देने के लिए अनुदान देगी।

सरकार इसमें टिकट पर अनुदान देने के अलावा ईंधन, सुरक्षा तथा अन्य व्यवस्थाओं में भी छूट प्रदान करेगी। इस प्रकार से यह ‘रीजनल कनेक्टिविटी’ के लिए बड़ा कदम होगा। मंत्रिमण्डल समूह की बैठक में इसके अलावा नोएडा, गाजियाबाद में रियल एस्टेट क्षेत्र की बिल्डर-बायर समस्या तथा ट्रैफिक जाम के मामलों निजात पाने के लिए एक कमेटी बनायी गयी।

इस कमेटी में काबीना मंत्री सुरेश खन्ना, सतीश महाना और सुरेश राणा को सदस्य बनाया गया है। यह कमेटी सम्बंधित मामलों का विस्तृत एवं स्थलीय अध्यन कर सरकार को अपनी रिपोर्ट पेश करेगी।

वहीं प्रदेश में बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए फैसला लिया गया कि अब प्रभारी मन्त्रीगण के साथ-साथ अन्य मंत्री भी वहां प्रवास करेंगे।

राहत मामलों पर कड़ी निगरानी रखते हुए जान सामान्य को दवा भोजन तथा अन्य सुविधाएं समय रहते मिल सकें इसकी पूरी चुस्त दुरुस्त व्यवस्था सुनिश्चित कराने में अपनी भूमिका निभाएंगे।

इसके अलावा मंत्रिपरिषद फर्रुखाबाद जिले की शमशाबाद नगर पंचायत का सीमा विस्तार करके आस-पास के क्षेत्र को इसमें जोड़ा जाएगा जिससे कि उस क्षेत्र का विकास भी सुचारु ढंग से किया जा सके।

इसी प्रकार से जनपद उन्नाव में स्थित पुरवा नगर पंचायत के भी सीमा विस्तार का फैसला लिया गया है। वहीं मंत्रिपरिषद ने वक्फ न्यायाधिकरण गठित किये जाने के सम्बन्ध में, अब वक्फ के मामलों में केवल लखनऊ में ही सुनवाई हो सकेगी, पहले यह सुनवाई लखनऊ तथा रामपुर दो स्थानों पर होती थी अब रामपुर में सुनवाई नहीं हो सकेगी।

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