नर्सिंग होम की जांच करने गयी टीम के साथ हुआ ऐसा… !

लखनऊ। सरकार लाख दावे करे लेकिन गोरखधंधे वालों को अपना काम करते रहने से रोकना महज कोरा दावा भर है। ऐसा नहीं है कि सरकार प्रयास नहीं कर रही लेकिन कुछ जगहों पर अब भी धड़ल्ले से मैनेजमेंट और सेटिंग—गेटिंग के दम पर प्राइवेट नर्सिंग होम मनमाना काम कर रहे हैं। ऐसा ही कुछ हुआ राजधानी के मोहनलालगंज इलाके में स्थित सुमित्रा नर्सिंग होम में जांच करने पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ।

सुमित्रा नर्सिंग होम जांच करने गई स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जब रजिस्ट्रेशन मांगा तो कर्मचारियों ने अभद्रता की मौके पर पहुंचे संचालक ने विभागीय अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए ।

मोहनलालगंज रायबरेली मार्ग पर स्थित सुमित्रा नर्सिंग होम पर दोपहर समय जांच करने पहुंचे उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर एस के रावत के साथ गई टीम ने नर्सिंग होम में मौजूद युवक से जब पूछा के यहां पर डॉक्टर नर्स एवं फार्मासिस्ट कौन है अंदर पहुंचने पर देखा कि एक महिला मरीज शांति देवी पत्नी कन्हैया निवासी कर्बला मीसागोसाईगंज का इलाज नर्सिंग होम में चल रहा था।

इस पर उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर एस के रावत ने जब रजिस्ट्रेशन मांगा तो युवक आग बबूला हो गया और टीम से अभद्रता कर गाली गलौज करने लगा मौके पर उपस्थित मोहनलालगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉक्टर के पी त्रिपाठी ने मोहनलालगंज कोतवाली पर सूचना दी।

इसी बीच मौके पर पहुंचे पुलिस बल नेमामला शांत कराया तब तक कर्मचारियों ने संचालक डॉक्टर शैलेंद्र कुमार मिश्रा को फोन किया मौके पर पहुंचे डॉक्टर मिश्रा ने आरोप लगाया कि आप लोगों से सी ऍम ओ साहब के सामने बात हो रही थी कि 3 महीने से समस्त कार्यवाही पूर्ण कर रजिस्ट्रेशन के लिए जो आवेदन दिया था उसे अभी तक जांच कर हमें नहीं दिया गया और उसके कारण मैं स्वयं ऑफिस के चक्कर लगा रहा हूं ।

वहां मिलने के बावजूद भी आप लोगों की टीम हमारे सुमित्रा नर्सिंग होम पहुंच गई इस संदर्भ में डॉक्टर एस के मिश्रा ने आरोप लगाया की क्षेत्र में अनेको हाई स्कूल खेल वाले हॉस्पिटल चला रहे हैं और मैं एक डॉक्टर हूं फिर भी मुझ पर कार्रवाई हो रही है ।

मुझसे मोटी रकम आपके कार्यालय द्वारा मांगी गई थी ना देने के कारण मुझे परेशान किया जा रहा है इससे नाराज टीम ने सुमित्रा नर्सिंग होम के कर्मचारियों लक्ष्मी प्रसाद सीमा विमला के विरुद्ध थाने में तहरीर देने की बात कही लेकिन देर शाम तक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉक्टर के पी त्रिपाठी से बात करने पर डॉक्टर त्रिपाठी ने कहा कि अगले दिन कार्रवाई हेतुकोतवाली में प्रार्थना पत्र दिया जाएगा इससे स्पष्ट होता है कि जो संचालक ने आरोप लगाए हैं वह सत्य प्रतीत होते हैं।

ऐसे ही क्षेत्र में अनेकों हॉस्पिटल संचालित हो रहे हैं जिन पर स्वास्थ्य विभाग की मेहरबानी है।

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