U.P. में रेलवे ब्रिज बनाने में आ रही दिक्कतें होंगी दूर-Yogi

YOGIलखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उप्र में जिन स्थानों पर रेल की पटरी के ऊपर पुल (आरओबी) बनाये जाने की अनुमति के प्रस्ताव राज्य सरकार के पास लम्बित हैं उन्हें शीघ्र ही निस्तारित करेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार इन सभी परियोजनाओं में हर सम्भव सहायता देगी, ताकि इन्हें समय से पूरा किया जा सके। उन्होंने रेलवे के आला अधिकारियों को काशी, विंध्याचल, चित्रकूट, नैमिषारण्य इत्यादि जैसे स्थलों को पूरे प्रदेश में जोड़कर पर्यटकों के लिए आकर्षक पैकेज बनाने का भी सुझाव दिया, ताकि प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सके।

मुख्यमंत्री श्री योगी से शुक्रवार को यहां शास्त्री भवन में महाप्रबन्धक पूर्वोत्तर रेलवे (गोरखपुर) एसपी त्रिवेदी, महाप्रबन्धक उत्तर रेलवे (नई दिल्ली) आरके कुलश्रेष्ठ तथा महाप्रबन्धक उत्तर-मध्य रेलवे (इलाहाबाद) एमसी चौहान के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमण्डल ने मुलाकात कर उप्र में रेलवे द्वारा बनवाए जा रहे आरओबी तथा अन्य परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति के विषय में जानकारी दी। इस दौरान रेलवे अधिकारियों ने बताया कि रेलवे द्वारा निर्मित किये जाने वाले हिस्से का निर्माण किया जा चुका है, जबकि राज्य सरकार वाले हिस्से का निर्माण होना बाकी है।

उन्होंने मुख्यमंत्री से इन आरओबी के राज्य द्वारा निर्मित किये जाने वाले हिस्सों को शीघ्र बनवाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों को आश्वस्त किया कि अब इस कार्य में तेजी लायी जाएगी और हर सम्भव मदद राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध करायी जाएगी।

इस दौरान अधिकारियों द्वारा प्रयाग अर्द्धकुम्भ-2019 के सम्बन्ध में रेलवे द्वारा की जा रही तैयारियों के विषय में भी मुख्यमंत्री को जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अर्द्धकुम्भ के लिए हर सम्भव तैयारी रेलवे द्वारा की जाए, ताकि इस आयोजन में आने वाले लोगों को आवागमन से सम्बन्धित किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो।

अधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री को उप्र में रेलवे द्वारा संचालित बड़ी परियोजनाओं के विषय में भी जानकारी दी गयी और उनके लिए भी राज्य सरकार की सहभागिता का अनुरोध किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री योगी ने कहा कि अगर सुविधाजनक पैकेज मिले और रेलवे हर तरह की सुविधा यात्रियों को उपलब्ध कराए तो बड़ी संख्या में पर्यटकों को उत्तर प्रदेश की ओर आकर्षित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध से जुड़े कई महत्वपूर्ण स्थल भी उत्तर प्रदेश में स्थित हैं। ऐसे में रेलवे पैकेज बनाकर पर्यटकों को इस ओर आकर्षित किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ के बावत कहा कि यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था किसी अलग स्थान पर की जाए ताकि रेलवे स्टेशन पर ट्रेन पर चढ़ने-उतरने वालों को दिक्कत न हो। उन्होंने गोरखपुर से विभिन्न नगरों को जोड़ने के लिए तेज गति वाली इण्टरसिटी रेल चलाने का भी सुझाव दिया, ताकि यात्री कम समय में अपने गंतव्य तक पहुंच सकें।

रेलवे अधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री को सूचित किया गया कि इलाहाबाद से लखनऊ के बीच में एक शताब्दी जैसी तीव्रगामी ट्रेन चलाने का सुझाव उच्च न्यायालय की तरफ से मिला है, जो तीन घण्टे में यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचा सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आश्वस्त किया कि वे इस विषय में केन्द्रीय रेल मंत्री से बात करेंगे।

अधिकारियों द्वारा दूरन्तो ट्रेन को प्रतिदिन चलाने का भी सुझाव दिया गया, जिसके विषय में उन्होंने केन्द्रीय रेल मंत्री से वार्ता करने का आश्वासन दिया। बैठक में राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

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