Indian Ocean में India की सुरक्षा का नया निगहबान Sea – Guardian

इंटरनेशनल डेस्क। दो अरब डॉलर और समुद्री सुरक्षा। जी हां, अमेरिका ने भारत को 22 समुद्री गार्डियन ड्रोन बेचने का निर्णय लिया है। यह सौदा दो अरब डॉलर का है। इसमें एक रोचक तथ्य यह भी है कि बेरोजगार भारत इस सौदे के जरिए अमेरिका में रोजगार के 2000 नए अवसर पैदा करेगा। यह फायदे का सौदा है या फिर कुछ कमी है यह तो नहीं मालूम लेकिन इस समझौते से यह तो तय है कि दुनिया के सबसे ताकतवर और सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों के द्विपक्षीय संबंध जरूर मजबूत होगें।

आपकों बता दें कि भारत की समुद्री सीमा लगभग 7500 किलोमीटर लंबी है। हिद महासागर में अपना दबदबा बढ़ाने की चीन की कोशिशों के बीच अमेरिका द्वारा भारत को ड्रोन बेचा जाना काफी अहम माना जा रहा है।

नए दौर में India-U.S.  Bilateral defense relations

इस सौदे से जुड़े हुए जनरल एटॉमिक्स के मुख्य कार्यकारी (अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक विकास) विवेक लाल ने अटलांटिक काउंसिल को इसकी जानकारी दी। उनके मुताबिक, इसे भारत-अमेरिका द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम समझा जाना चाहिए।

विवेक लाल से पहले सीनेटर जॉन कोर्निन ने भी ट्वीट कर कहा था,ड्रोन सौदे से भारत-अमेरिका संबंध मजबूत होंगे। इस सौदे के संबंध में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से व्हाइट हाउस में मुलाकात करने के बाद घोषणा की थी।

विवेक लाल ने इसके बाद कहा कि जनरल एटोमिक्स द्वारा तैयार ड्रोन का यह सौदा विशिष्ट है क्योंकि पहली बार यह किसी ऐसे देश को बेचा जा रहा है जो नाटो का सदस्य नहीं है।

40 घंटे तक उड़ान भरते दुश्मन पर नजर रखने में सक्षम है Sea – Guardian 

समुद्री गार्डियन ड्रोन अमेरिका समेत उसकी सहयोगी सेनाओं का अहम रक्षा उपकरण है। ये ड्रोन लगातार 40 घंटे तक उड़ान भरते हुए दुश्मन की किसी भी हरकत पर नजर रखने में सक्षम है।

भारतीय मूल के एक टॉप अमेरिकी अफसर विवेक लाल ने बताया कि भारत को सी-गार्डियन देने के फैसले से भारत-अमेरिका के रिश्ते तो मजबूत होंगे ही, इससे अमेरिका में 2000 नए जॉब्स भी जाएंगे।

पीएम नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान भारत को 2 बिलियन डॉलर (करीब 12818 करोड़ रुपये) में ड्रोन दिए जाने पर राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने सहमति जताई थी।

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