मोदी के इस कदम ने देश की आधी आबादी का सर किया गर्व से ऊंचा

नई दिल्ली। मोदी कैबिनेट में रक्षा मंत्री का पद निर्मला सीतारमण को दिया जाना बेहद अहम है। एक महिला को रक्षा मंत्री की जिम्मेदारी सौंपना देश की आधी आबादी के लिए जहां भाजपा का संदेश है वहीं दूसरी ओर महिला सशक्तीकरण का एक नए दौर मेें प्रवेश करना है।

तिरूचिलापल्ली, तमिलनाडु में 18 अगस्त 1959 में जन्मी निर्मला सीतारमण ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्वालय से एम.फिल की डिग्री प्राप्त की। निर्मला सीतारमन ने 1980 में सीतालक्ष्मी रामास्वामि कॉलेज, तिरुचिरापल्ली, तमिलनाडु से स्नातक की शिक्षा पूर्ण की।

वह प्राइसवॉटरहाउस कूपर्स के साथ वरिष्ठ प्रबंधक (शोध एवं विश्लेषण) के तौर पर भी कार्य कर चुकी हैं। उन्होंने कुछ समय के लिए बीबीसी विश्व सेवा के लिए भी कार्य किया। निर्मला सीतारमन हैदराबाद, भारत में स्थित प्रणव स्कूल के संस्थापकों में से एक हैं।
एक नजर मोदी के नवरत्नों पर-

1-पूर्व केंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह ने राज्य मंत्री की पद शपथ ली। मनमोहन सरकार में गृह सचिव रहे हैं आरके सिंह. बिहार के आरा से हैं सांसद।

2-अल्फोंस कन्नथनम ने ली राज्य मंत्री पद की शपथ। किसी भी सदन के सदस्य नहीं है। 1994 में टाइम्स पत्रिका की 100 यंग ग्लोबल लीडर में शामिल।

3-यूपी के बागपत से सांसद सत्यपाल सिंह राज्य मंत्री बने। पुणे और नागपुर में पुलिस कमिश्नर रहे। वे मुंबई पुलिस कमिश्नर भी रहे हैं।

4-गजेंद्र सिंह शेखावत केंद्र सरकार में राज्य मंत्री बने। वे जोधपुर से है सांसद। शेखावत तकनीक समझने वाले प्रगतिशील किसान हैं और संसद की स्थाई समिति के सदस्य (वित्त)।

5-हरदीप सिंह पुरी ने राज्य मंत्री पद की शपथ ली। पुरी किसी सदन से नहीं हैं। विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा में दक्ष हैं। संयुक्त राष्ट्र में राजदूत रहे व ब्राजील और ब्रिटेन में राजदूत का पद संभाला।

6-अनंतकुमार हेगड़े कनार्टक से लोकसभा सांसद हैं। विदेश और मानव संसाधन मामलों पर बनी संसदीय समिति के भी सदस्य। हेगड़े कोरियन मार्शियल ताइक्वांडो भी जानते हैं। हेगड़े कदंबा के फाउंडर अध्यक्ष हैं जो एक एनजीओ है और ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य जैसे कई क्षेत्रों में काम करती है।

7-शिव प्रताप शुक्ल उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं साथ ही वो संसदीय समिति (ग्रामीण विकास) के सदस्य भी हैं। शिव प्रताप ग्रामीण विकास, एजुकेशन और जेल सुधार के लिए किए गए अपने काम के लिए जाने जाते हैं। इमरजेंसी के दौरान वो मेंटेनेंस ऑफ इंटरनल सिक्योरिटी एक्ट (मीसा) के तहत 19 महीने जेल में रहे थे।

8-वीरेंद्र कुमार मध्य प्रदेश के टिकमगढ़ से लोकसभा सांसद हैं। वीरेंद्र कुमार दलित समुदाय से आते हैं। वे जाति से जुड़ी परेशानियों को दूर करने के लिए युवाओं को अपने साथ जोड़ने का काम भी कर रहे हैं। अनाथालय, स्कूल और ओल्ड एज होम (बुजुर्गों के लिए घरों) के लिए भी काम करते हैं। उन्होंने इकनॉमिक्स से एमए और चाइल्ड लेबर में पीएचडी की है।

9-अश्विनी कुमार चौबे बिहार के बक्सर से लोकसभा सांसद हैं। उन्होंने 8 साल तक स्वास्थ्य, शहरी विकास और जनस्वास्थ्य, इंजिनियरिंग जैसे कई अहम विभागों को संभाला है। उन्हें ‘घर-घर में हो शौचालय, तभी होगा लाडली बिटिया का कन्यादान’ जैसे नारों का क्रेडिट भी दिया जाता है, साथ ही उन्होंने महादलित परिवारों के 11 हजार शौचालय बनवाने में भी सहायता की।

मोदी के ‘नवरत्नों’ में ये 4 पूर्व अफसर को मिली जगह
रविवार को केंद्रीय कैबिनेट में फेरबदल और विस्तार होना है। मोदी कैबिनेट में नौ नए चेहरे शामिल होने वाले हैं और छ मंत्रियों के इस्तीफा देने की खबरें हैं। मोदी की टीम में जो नए नौ नाम शामिल होने वाले हैं उनमें चार लोगों में एक समानता है। ये चार लोग अफसर रह चुके हैं और उन्हें नौकरशाही की अनुभव है।

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