Flood से अब तक 89 लोगों की मौत, 2 Lakh हेक्टेयर फसल बर्बाद

लखनऊ । उप्र के विभिन्न जिलों में बाढ़ के कारण अब तक 89 लोगों की मौत हो चुकी है और दो लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में लगी फसल बर्बाद हो गयी है। गोरखपुर व अन्य कई पूर्वी इलाकों में बाढ़ की स्थिति भयावह बनी हुई है। राज्य के 24 जिलों की लगभग 20 लाख की आबादी सैलाब से प्रभावित है।

ढाई हजार गांव बाढ़ से प्रभावित हैं व करीब छह हजार कच्चे-पक्के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। बाढ़ का सबसे अधिक असर पूर्वी जिलों में देखा जा रहा है। प्रभावित इलाकों में एनडीआरएफ की 20 वाहिनियां, बाढ़ पीएसी की 29 कम्पनियां तैनात हैं तथा वायुसेना के दो हेलीकाप्टरों की मदद भी ली जा रही है।

इसके साथ ही 679 बाढ़ चैकियां स्थापित की गयी हैं और 227 राहत शिविर लगाये गये हैं। अब तक करीब 90 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

केन्द्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार राप्ती नदी बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, बर्डघाट, गोरखपुर, और रिगौली (गोरखपुर) में, जबकि बूढ़ी राप्ती नदी ककरही तथा उस्काबाजार, सिद्धार्थनगर में खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही हैं।

घाघरा नदी एल्गिन ब्रिज, अयोध्या और तुर्तीपार में अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। शारदा नदी पलियाकलां में खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

गोरखपुर से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार बस्ती-गोरखपुर मण्डल के जिलों में बाढ़ की स्थिति बरकरार है। रोडवेज और रेल प्रशासन ने कुछ बाढ़ प्रभावित मार्गों पर यातायात बंद कर दिया है।

तहसीलदार विनोद कुमार ने बताया कि गोरखपुर के 93 गांव बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। मानीराम, गायघाट, मछलीगांव, जंगल बेलवार, जंगल कौड़िया आदि गांव बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित हैं।

बहराइच से मिली जानकारी के अनुसार जिले में बाढ़ तथा कटान से रविवार को चार और लोगों की मौत की सूचना के बाद जनपद में मृतकों की संख्या बढ़कर 15 हो गयी है।

Share this

media mantra news

Technology enthusiast

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *