सत्याग्रह आन्दोलन — राजधानी में शिक्षामित्रों का आना शुरू, धारा 144 लागू

लखनऊ। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से नाराज शिक्षामित्र आज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रदर्शन कर सरकार पर दबाव बनाने का प्रयास करेंगे। लगभग पौने दो लाख शिक्षामित्रों के राजधानी में एकत्रित होने की सूचना से पुलिस व प्रशासन भी हलकान हैं। 21 अगस्त से लखनऊ के लक्ष्मण मेला मैदान में सत्याग्रह आन्दोलन के तहत इस अभियान की शुरूआत शिक्षामित्र करेंगे। रविवार शाम से दर्जनों जनपदों से शिक्षामित्र राजधानी के कूच कर चुके हैं।

हालात कहीं बेकाबू न हो जाए इसके लिए प्रशासन ने भी कमर कसनी शुरू कर दी है। प्रशासन ने राजधानी में शांति—व्यवस्था बहाल करने के लिए धारा 144 का सहारा लिया है।

राजधानी में तैनात की गयी फोर्स

शिक्षामित्रों के सत्याग्रह आन्दोलन को देखते हुए प्रशासन ने राजधानी में धारा—144 लागू कर दी है। वहीं, दूसरी ओर भारी मात्रा में सुरक्षा बलों को भी तैनात किया गया है। शिक्षामित्रों की इन्ट्री पर रोक लगाने के लिए राजधानी को सील कर दिया गया है। राजधानी के सीमावर्ती इलाकों में बैरीकेड भी लगा दी गयी है। प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में सोमवार से हड़ताल शुरू हो जाएगी।

बताया जाता है क‍ि अध्यादेश संशोधन कर सहायक अध्यापक बनाने की मांग को लेकर यह आंदोलन होगा। प्रकिया पूरी होने तक समान कार्य का समान वेतन की मांग शिक्षामित्र कर रहे हैं।

शिक्षामित्रों के सभी संगठनों का सामूहिक आंदोलन रविवार रात और सोमवार सुबह पहुंचेगा। प्रदेश भर से ट्रेनों और बसों से लखनऊ पहुंच रहे शिक्षामित्रों को रोकने के प्रदेश भर पुलिस को सक्रिय कर दिया गया है।

सोमवार को विधानसभा के सामने बड़ा शक्ति प्रदर्शन करने की सूचना को लेकर सुरक्षा के इंतजाम बड़ा दिए गए हैं।

अभी नहीं तो कभी नहीं का नारा गूंजेगा

‘अभी नहीं तो कभी नहीं’ नारे के साथ श‍िक्षाम‍ित्र लक्ष्मण मेला पार्क में अनिश्चितकाल के लिए धरना देने का एलान क‍िया है। उनका कहना है क‍ि जब तक मांग पूरी हो जाती है तब तक लखनऊ से वापस नहीं होना है।

वहीं दूसरी ओर, अमरोहा जिले में शनिवार को शिक्षामित्र संयुक्त संघर्ष मोर्चा आंदोलन के तीसरे दिन सीएम योगी आदित्यनाथ के नाम खून से चिट्ठी लिखी थी। इसके अलावा कटोरा लेकर सड़क उतरकर पीएम नरेंद्र मोदी के नाम पर भीख मांगे थे। इससे पूर्व सुबह के समय शिक्षामित्रों ने बीएसए कार्यालय पर तालाबंदी कर गेट पर धरना दिया था।

सोमवार से शिक्षामित्र लखनऊ मुख्यालय पर धरना देंगे। इसके लिए शिक्षामित्र रविवार को लखनऊ रवाना हो गए हैं।

बता दें, समायोजन निरस्त होने के बाद प्रदेश सरकार से मांग पूरी न करने पर तीसरे दिन शिक्षामित्रों का आंदोलन उग्र हो गया था। प्रदर्शन में शामिल होने वाले जिलाध्यक्ष योगेश भड़ाना ने कहा कि शिक्षामित्र पिछले 16 सालों से सेवा दे रहे हैं। अधिक उम्र होने के कारण उनके सामने रोजगार का कोई विकल्प नहीं बचा है। ऐसी दशा में उन्हें बेरोजगार किया जा रहा है।

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