@BspUp2017 Twitter  एकाउंट से जारी हुआ पोस्टर है फर्जी — B.S.P.

लखनऊ । महागंठबंधन की एकजुटता प्रदर्शित करने वाला एक पोस्टर इंटरनेट पर वायरल हो गया है। इसमें अखिलेश यादव के साथ मायावती, तेजस्वी यादव, लालू प्रसाद यादव, शरद यादव, ममता बनर्जी व सोनिया गांधी दिख रही हैं। पोस्टर को बसपा के कथित वेरीफाइट ट्वीटर एकाउंट @BspUp2017 से ट्वीट किया गया है। जिसके बाद सियासी गलियारों में यह चर्चा का विषय बन गया। हालांकि बसपा ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए पोस्टर व इससे जुड़ी जानकारी का खंडन करते हुए प्रेस विज्ञप्ति जारी की है।

वहीं बयान के बाद इस एकाउंट से पोस्टर को अब हटा दिया गया है। बता दें क‌ि बसपा के नाम से बने ज‌िस अकाउंट से पोस्टर ट्वीट क‌िया गया था उस पर वेरीफाइड का न‌िशान भी है।

इसमें बसपा ने कहा, ‘बसपा का कोई भी आधिकारिक ट्विटर अकाउंट नहीं है। इसलिए ट्विटर के माध्यम से जारी किए गए पोस्टर और उससे संबंधित खबरें गलत व मिथ्या प्रचार हैं। बसपा उस ट्वीट का खंडन करती है।’
प्रेस नोट में यह भी कहा गया कि बसपा अधिकतर हिंदी में प्रेस नोट जारी करती है जिससे वह अपनी बात विस्तार से मीडिया तक पहुंचा सके और यह सुविधा ट्विटर पर उपलब्ध नहीं है।

प्रेस नोट के अनुसार, ‘पोस्टर से हवाले से जो खबर बनाई गई है वह गलत और शरारतपूर्ण है। बसपा की नीति व सिद्धांत ‘सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय’ की नीति है जबकि इस पोस्टर में ‘बहुजन हिताय बहुजन सुखाय’ की नीति को दर्शाया गया है।’

बीएसपी महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने आधिकारिक बयान जारी कर इस पोस्टर को फर्जी बताया है। इसके साथ ही मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि बीएसपी का आधिकारिक ट्विटर अकाउंट नहीं है।  बीएसपी के ट्विटर हैंडल के नाम से पोस्टर जारी करने का प्रश्न ही नहीं उठता है।’

बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने कहा कि कोई भी आधिकारिक ट्विटर एकाउंट नहीं है। ट्विटर के माध्यम से जारी किए गए पोस्टर के संबंध में प्रकाशित व प्रसारित होने वाली खबरें गलत व मिथ्या प्रचार हैं। बीएसपी इसका खंडन करती है।

मायावती ने कहा कि आरजेडी के नेता लालू प्रसाद यादव और 27 अगस्त को प्रस्तावित विपक्ष की रैली से संबंधित जिस पोस्टर के हवाले से आज कुछ अखबारों में खबर छपी है, वह सही नहीं है। बीएसपी का कोई आधिकारिक ट्विटर एकाउंट नहीं है।

हमारी पार्टी विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात देश के सामने रखने के लिए लगातार खासतौर पर हिंदी में प्रेसनोट जारी करती रहती है, ताकि विस्तार से अपनी बातें मीडिया व लोगों के सामने रख सके, जबकि ट्विटर में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है। मायावती ने कहा कि विपक्षी एकता के जिस पोस्टर के हवाले से खबर बनाई है, वह प्रथम दृष्टया में ही गलत व शरारतपूर्ण है।

बीएसपी की नीति व सिद्धांत सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय पर आधारित है। वहीं ट्विटर वाले पोस्टर में बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय को दर्शाया गया है, जो कि गलत है। इसके अलावा पोस्टर में और भी कई त्रुटियां हैं। मीडिया को ऐसी खबरों के प्रकाश व प्रसारण से पहले बीएसपी की आधिकारिक टिप्पणी अवश्य लेनी चाहिए थी।

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