Police भर्ती के पेपर Hack करने वाले अपने, 7 गिरफ्तार

लखनऊ। सूबे में जिस प्राइवेट कंपनी पर उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने भरोसा किया उसी कम्पनी ने एक ऐसे संस्थान को परीक्षा दिलाने का जिम्मा सौंप दिया जो एक अन्तर्राज्यीय गिरोह का ही केन्द्र था। उसी के जिम्मेदारों ने गिरोह के साथ मिलकर पेपर लीक कर डाला।

अपनी टेक्नोलाॅजी व मैनेजमेंट के साथ ही सेटिंग-गेटिंग के दम पर हरियाणा का यह गिरोह प्रदेश के तीन जनपदों से आॅन लाइन भर्ती परीक्षाओं में युवाओं को पास कराने के एवज में मोटी रकम ऐंठता था।

एसटीएफ ने उपनिरीक्षक की आॅन लाइन भर्ती परीक्षा में इसी तरह का मैनेजमेंट करने वाले गिरोह के सात साइबर एक्सपर्ट सदस्यों को गिरफ्त में लिया है। हालांकि पकड़े गए यह अन्तर्राज्यीय अपराधी उत्तर प्रदेष व हरियाणा से ही ताल्लुक रखते हैं, लेकिन यह सभी हरियाणा के ही चिर-परिचित गैंग के सक्रिय सदस्य हैं। इनके पास पांच मोबाइल व सिमकार्ड भी बरामद किए गए।

इसका खुलासा करते हुए एडीजी लाॅ एण्ड आॅर्डर ने बताया कि उपनिरीक्षक की आॅन लाइन भर्ती परीक्षा- 2017 का प्रश्न-पत्र हैक करने वाले गिरोह का पर्दाफाष करते हुए इसके सात साइबर एक्सपर्ट्स को त्रिवेणी सिंह के निर्देशन में एसटीएफ की टीम ने गिरफ्तार किया है।

चौंकाने वाली जानकारी यह भी है कि पकड़े गए अपराधी एक शिक्षण संस्थान(ओम ग्रुप आॅफ इन्स्टीट्षन, आगरा ) में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। वहीं से वह जरूरतमंद बेरोजगारों को नौकरी दिलाने का प्रलोभन देकर मोटी रकम ऐंठ रहे थे।

पूछताछ में इन्होने अपना नाम वेन्यू स्पोक पर्सन व हेड ओम ग्रुप आॅफ इंस्टीट्यूशन,आगरा का पलवल हरियाणा का निवासी गौरव आनन्द व बलराम , मथुरा निवासी पुष्पेन्द्र सिंह, अलीगढ़ का रहने वाले दिनेश, दीपक, गौरव खत्री व मिर्जापुर निवासी राकेश कुमार विश्वकर्मा बताया। इनके पास से 5 मोबाइल फोन व सिमकार्ड बरामद हुए हैं।

इस पूरे खुलासे में एक बात यह भी सामने आयी है कि उत्तर प्रदेष पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने परीक्षा कराने का ठेका एनएसईआईटी नाम की कम्पनी को दिया था, उसी ने आगरा की ओम ग्रुप आॅफ इंस्टीट्यूट को परीक्षा दिलाने का जिम्मा दिया।

इस तरह करते हैं हैकिंग

एसटीएफ के साइबर एक्सपर्ट त्रिवेणी सिंह ने बताया कि यह गिरोह प्रत्येक परीक्षा केन्द्र के परीक्षा संचालक एवं आई0टी0 हेड व इनविजीलेटर से सांठगांठ करके परीक्षा केन्द्र के समस्त कम्प्यूटर टर्मिनल्स पर Remote Access Tool Install   करा लिया जाता था एवं उसका यूजर आई0डी0,/पास वर्ड Whats App एवं अन्य मैसेज के माध्यम से गिरोह के सरगना को पहुॅचा दिया जाता था।

इसी के माध्यम से गिरोह के पेपर साॅल्वर द्वारा अभ्यर्थी के टर्मिनल का आॅन लाईन एक्सेस प्राप्त कर लिया जाता था और दूरस्थ स्थान से ही पेपर साॅल्व कर कर दिया जाता था। यह भी ज्ञात हुआ है कि इनके द्वारा एन0एस0ई0आई0टी0 के लोकल सर्वर को हेक करके भी प्रश्न पत्र लीक किया गया है। इस कारण उक्त परीक्षा का प्रश्न पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

अब कसी जा रही जिम्मेदार फर्मों पर नकेल

छानबीन के दौरान यह भी बात प्रकाश में आयी है कि परीक्षा आयोजित कराने वाली कम्पनी द्वारा Information Security Policy के निर्धारित मानकों का भी पालन नही किया गया है एवं परीक्षा में Online Security के मूलभूत सिद्धान्तों जैसे Physical, Administrative, Technical Counter measures की अनदेखी भी की गयी है।

इस सम्बन्ध में कम्पनी के समस्त भर्ती प्रक्रिया का Security Audit  भी किया जा रहा हैे। यह भी ज्ञात हुआ है कि इस परीक्षा की शूचिता को अन्य तरीकों से भी भंग किया गया है।  इस गिरोह के सरगना एवं उससे जुड़ेे अन्य लोग प्रकाश में आये हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।

Share this

media mantra news

Technology enthusiast

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *