… सत्ता की हनक देखनी हो तो आइए यहां, पहले मंत्री से करायी सुलह, फिर दर्ज कराए मुकदमें

Mohsin-Raja

(शिवम तिवारी)

लखनऊ। अपराध करने के बाद उससे बचने के लिए सत्ता का दुरूपयोग कैसे किया जा सकता है, यह ज्ञान प्राप्त करना हो तो यूपी आइये।

सत्ता के मद में हालात तो यहां तक पहुंच चुके हैं कि ‘एक तो चोरी, ऊपर से सीना जोरी’। अपना दामन ‘टीनोपाल’ से धुला दिखे, इसके लिए अब बकायदा शिकायत कर्ता को धमकी तक दी जा रही है। यह ‘अजीम शख्शियत’ कोई और नहीं भाजपा के कम से कम उप्र में ताजा मुस्लिम चेहरा बन बैठे आली ‘जनाब मोहसिन रजा साहब’ हैं।

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यह ऐसे मंत्री हैं, जो किसी भी सदन के सदस्य तक नहीं हैं और वक्फ संपत्तियों में भ्रष्टाचार करने के आरोप इनके नाम को रौशन कर रहे हैं। भाजपा का मुस्लिम चेहरा बनाने के साथ ही इन्हें कमाऊ मंत्रालय भी दे दिए गए। नतीजा यह हुआ कि भ्रष्टाचार का खुलासा करने वाले को ही पुलिस ने कथित रूप से माननीय भ्रष्ट मंत्री के दबाव में डरा धमका कर केस में फाइनल रिपोर्ट लगा दी। यही नहीं उसे प्रताड़ित करने के लिए उन्नाव में उसके ऊपर दो मुकदमें दर्ज करा दिए गए। यह माननीय मंत्री हैं भाजपा के दुलारे मोहसिन रजा। इस मामले में जानकारी तब प्रकाश में आयी जब पीड़ित ने मुख्यमंत्री से सुरक्षा व निष्पक्ष जांच की गुहार लगायी।

मुख्यमंत्री के आधिकारिक जन सुनवाई पोर्टल पर शिकायत करने वाले मेंहदी मियां के मुताबिक, राज्य मंत्री मोहसिन रजा, जिनके पास अल्पसंख्यक विभाग होने के साथ ही इलेक्ट्रानिक्स व हज हाउस विभाग का भी कार्यभार है, पीड़ित व उसके परिवार को फंसाने के लिए सफीपुर थाना उन्नाव में दो फर्जी मुकदमे दर्ज कराए। जिनका क्राइम नंबर 381/16 व 382/16 है। इन दोनो मामलों में मोहसिन रजा ही सूचनाकर्ता हैं। मामलों का संज्ञान लेते हुए माननीय हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर स्टे लगा रखी है।

उन्होने आरोप लगाया कि,मोहसिन रजा ने यह मामले मुझ पर इसलिए दर्ज कराए, क्योंकि उन्होने एक तथ्यात्मक मामला मोहसिन के विरूद्व हजरतगंज कोतवाली में दर्ज कराया था। इसका नतीजा यह हुआ कि पुलिस ने दबाव डालते हुए मुझसे जबरन कुछ कागजात पर दस्तखत करा लिए और मोहसिन के ऊपर फ्राड के मामले में हजरतगंज पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी। मेंहदी मिंया ने मुख्यमंत्री से सुरक्षा की गुहार लगाते हुए मांग की है इस मामले की किसी निष्पक्ष जांच एजेंसी से जांच करायी जाए।

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