Gorakhpur बंद करा रहे माले कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की पार्टी ने निंदा की

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लखनऊ । भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माले) ने बाबा राघवदास (बीआरडी) मेडिकल कालेज में आक्सीजन की आपूर्ति रुकने से बड़ी संख्या में हुई बच्चों की मौत के खिलाफ योगी सरकार से इस्तीफे की मांग पर सोमवार को गोरखपुर बंद करा रहे माले कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिये जाने की कड़ी निंदा की है। वहीं पार्टी ने गोरखपुर बंद को सफल बताया है।

राज्य सचिव सुधाकर यादव ने कहा कि भाकपा (माले) ने पांच दर्जन से ज्यादा बच्चों की मौत को ‘सरकार प्रायोजित नरसंहार‘ की संज्ञा देते हुए स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर गोरखपुर बंद के साथ राष्ट्रव्यापी प्रतिवाद का आह्वान किया था।

पुलिस ने सोमवार को गोरखपुर में दर्जनों माले कार्यकर्ताओं को उस समय गिरफ्तार कर लिया, जब वे मार्च निकाल कर गोलघर इलाके में नागरिकों और दुकानदारों से बंद रखने की शांतिपूर्ण अपील कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भाजपा राज में यह विडंबना ही है कि मासूमों के ‘नरसंहार’ के दोषी बाहर और सरकार में हैं, जबकि मृत बच्चों के लिए न्याय की मांग कर रहे कार्यकर्ता अंदर पुलिस की कैद में।

उन्होंने इसे योगी सरकार का दमनकारी कदम बताते हुए गिरफ्तार कार्यकर्ताओं की बिना शर्त रिहाई की मांग की। माले नेता ने कहा कि योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से पांच बार सांसद चुने गये हैं और अब वे प्रदेश सरकार के मुखिया हैं।

इस नरसंहार की आपराधिक जवाबदेही स्वीकार करते हुए योगी समेत पूरी सरकार को अविलंब इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि बीआरडी कालेज के अस्पताल में स्टाफ का वेतन और आवश्यक मेडिकल उपकरण के लिए जरूरी फण्ड रोकने व उसे न जारी करने के लिए केन्द्र सरकार भी जिम्मेदार है।

माले राज्य सचिव ने बताया कि राष्ट्रव्यापी प्रतिवाद के तहत आज गोरखपुर के अलावा देवरिया, गाजीपुर, मऊ, बलिया, वाराणसी, मिर्जापुर, इलाहाबाद, कानपुर, मुरादाबाद, पीलीभीत समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों में विरोध प्रदर्शन और मुख्यमंत्री योगी का पुतला दहन हुआ। मिर्जापुर के जमालपुर में प्रदर्शन करने पर माले के चार नेताओं को पुलिस ने जेल भेज दिया।

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