विपक्ष को चुनाव के समय ही याद आता है किसान-मोदी

गोरखपुर । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि पूर्व की सरकारों में किसान का भला करने की नीयत नहीं थी। उन्होंने कहा कि वो छोटी-छोटी चीजों के लिए किसानों को तरसाती थीं। लेकिन हमने किसानों की सुविधा पर काम किया।

हमारी सरकार कोशिश कर रही है कि किसानों को हर वो संसाधन दिए जाएं, जिससे वो अपनी आमदनी को दोगुना कर सके। उन्होंने कहा कि सभी महामिलावटी लोग (विपक्ष) एक से हैं। उन्हें 10 साल में एक बार किसान याद आता है और कर्ज माफी का बुखार चढ़ने लगता है और इस पर रेवड़ी बांटकर वोट ले लेते थे लेकिन अब मोदी है इनकी पोल खोलकर रख देगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को यहां ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना’ का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि इससे देश के करोड़ों किसानों को सालाना छह हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि आज एक करोड़ एक लाख किसानों के बैंक खातों में पीएम किसान की पहली किस्त ट्रांसफर करने का सौभाग्य मिला।

यह मेरे लिए बहुत भावुक क्षण है। अपने सम्बोधन में उन्होंने कहा कि वर्तमान में केंद्र सरकार जितना पैसा किसान के लिए भेजती है, वो पूरा पैसा उसके खाते में पहुंचता है। अब वो दिन गए जब सरकार 100 पैसा भेजती थी, तो बीच में 85 पैसा दलाल और बिचैलिए खा जाते थे।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को भी फूलप्रूफ बनाया गया है ताकि किसान का अधिकार कोई छीन न सके। उन्होंने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि के रूप में जो पैसे किसानों को दिए जाएंगे उनकी पाई-पाई केंद्र में बैठी सरकार की तरफ से दी जाएगी।

इनमें राज्य सरकारों को कुछ नहीं करना है। राज्य सरकार को ईमानदारी के साथ किसानों की सूची बनाकर देना है। उन्होंने कहा कि जो राज्य अपने किसानों की सूची हमें नहीं देने का काम करेंगे उन्हें मैं कहना चाहता हूं कि वहां के किसानों की बददुआएं आपकी राजनीतिक करियर को बर्बाद करके रख देंगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमने देश भर की 99 ऐसी परियोजनाएं चुनीं थीं जिनमें से 70 से ज्यादा अब पूरी होने की स्थिति में आ रही हैं।

इन परियोजनाओं की वजह से किसानों को लाखों हेक्टेयर जमीन पर सिंचाई की सुविधा मिल रही है। ये वो काम है, जो किसानों की आने वाली कई पीढ़ियों तक को लाभ देगा। उन्होंने कहा कि सिंचाई परियोजनाओं को पूरा न करके, कर्जमाफी करना आसान रास्ता था।

लेकिन कर्जमाफी से सिर्फ ऊपरी स्तर के कुछ किसानों का ही फायदा हो पाता था। वो भी ऐसे किसान जिन्होंने बैंक से लोन लिया है, उन करोड़ों किसानों के बारे में कौन सोचता, जो बैंक के बजाय किसी दूसरे से कर्ज लेते हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों की बरसों पुरानी मांग को पूरा किया।

रबी और खरीफ की 22 फसलों का समर्थन मूल्य लागत के 50 प्रतिशत से अधिक तय किया गया है। मौसम की मार से किसानों को बचाने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना भी बनाई गई है। उन्होंने कहा कि किसानों को उपज का उचित मूल्य मिले और उसकी लागत कम हो इसके लिए अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। ई-एनएएम प्लेटफॉर्म से देशभर की सैकड़ों मंडियों को जोड़ने का काम चल रहा है। इससे किसानों को सीधे देश भर की किसी भी मंडी में ऑनलाइन अपनी उपज बेचने का विकल्प मिलेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान अभियान को इसी हफ्ते सरकार ने मंजूरी दी है। इसके तहत किसानों को 17 लाख से अधिक सोलर पंप लगाने में मदद की जाएगी ताकि उनको सिंचाई पर होने वाले बिजली या डीजल के खर्च से मुक्ति मिले। इसके अलावा 10 लाख सोलर पंपों को बिजली ग्रिड से जोड़ने में किसानों की मदद की जाएगी, जिससे वो सिंचाई तो मुफ्त में कर ही पाएंगे, बची हुई बिजली बेच भी पाएंगे।

उन्होंने कहा कि ये अन्नदाता को ऊर्जादाता बनाने के हमारे व्यापक अभियान का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल उद्योग और रोजगार का बहुत बड़ा केन्द्र बनता जा रहा है। यहां अब भारतीय रेल बिजली से चलने वाली है। उद्योग लगने से यहां के लोगों को रोजगार तो मिलेगा साथ ही आसपास के लोग भी इसका फायदा उठा सकेंगे।

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