एनआरसी पर राजनीति नही होनी चाहिये, यह राष्ट्रहित का मुददा-राजनाथ

लखनऊ। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजनशिप (एनआरसी) पर कोई राजनीति नही होनी चाहियें क्योंकि यह एक राष्ट्रहित का मुददा है। यह असम के लोगो की यह एक लंबे समय से मांग थी और मांग उनकी पूरी हुई है। पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि एनआरसी के मुददे पर कोई सियासत नही होनी चाहियें, और एनआरसी का जो मुददा है वह राष्ट्रहित का मुददा है और असम के लोगो की यह एक लंबे समय से मांग थी और मांग उनकी पूरी हुई है। अनावश्यक कुछ लोगों के द्वारा भय पैदा करने की कोशिश की जा रही है। लेकिन मैं समझता हूं कि किसी को भयभीत होने की आवश्यकता नही है। क्लेम्स और आबजेक्श्न के लिये भी पूरा समय उन्हें मिलेगा और उससे भी संतुष्ट नही होते है तो वह फारेनरस ट्रिब्यूनल जा सकते है।
केन्द्रीय गृह मंत्री शनिवार को यहां आर्यावर्त बैंक द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने आये थे। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ग्रामीण बैंक देश की बैंकिंग व्यवस्था की रीढ़ हैं। इससे गांव और गरीब के बीच विश्वास का भाव बढ़ता है। उन्होंने कहा कि भारत अब कमजोर राष्ट्र नही रहा है, बल्कि उसकी गिनती अब ताकतवर देशों में होती है। अब दुनिया में भारत को सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि विकास की गति 2030 तक ऐसे ही बनी रही  भारत विश्व के टाप तीन देशों में गिना जायेगा। अगर भारत को दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना है तो इसमें अंतिम पायदान पर बैठे लोगों तक सबका योगदान लेना होगा।
राजधानी में आज ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त द्वारा सभी ऋण खाता धारकों के लिए शुरू की गई निशुल्क आर्यावर्त दुर्घटना सह विकलांगता बीमा योजना का विमोचन करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि ऐसी योजनाओं का विशेष महत्व है। प्रधानमंत्री का उल्लेख करते हुए सिंह ने कहा कि उन्होने एक बार कहा था कि जन सामान्य के बीच काम करने की जिम्मेदारी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक ने निभाई है। सभी सरकारों ने अपनी सोच और सामर्थ के आधार पर ग्रामीण विकास के लिए काम किया है। केंद्र की एनडीए सरकार ने पिछले चार वर्षों में इस दिशा में महत्वपूर्ण काम किया है।
उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2022 तक जब देश आजादी की 75वीं वर्षगांठ मना रहा होगा किसानों की आय को बढ़ाकर दोगुना करने का संकल्प लिया है। उन्होने कहा कि इसके लिए लागत को कम करना होगा। उन्होने कहा कि 2018 तक उर्वरकों की लागत में कमी आई है और इसकी उपलब्धता बढ़ी है। उन्होने कहा कि सरकार का प्रयास है कि हर गांव तक पर्याप्त बिजली पहुंचे, किसानों को अपेक्षाकृत सस्ती दर पर बिजली मिल सके और न्यूनतम समर्थन मूल्य कुल लागत का कम से कम डेढ़ गुना हो। वित्तीय समावेशन को सरकार की सबसे बड़ी कामयाबी बताते हुए सिंह ने कहा कि सरकार ने आम आदमी को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा है। उन्होने कहा कि आज देश में साढ़े इक्कतीस करोड़ से ज्यादा लोगों का बैंक में खाता है। उन्होने कहा कि पिछले एक साल में पूरी दुनिया में बैंकों में कुल जितने खाते खोले गए उसमें 55 प्रतिशत हिस्सा भारत का है।
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