स्वच्छता से ही जेई, एईएस बीमारी से बचाव हो सकता है – C.M.

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि स्वच्छता जेई, एईएस बीमारी से बचाव के लिए एक अच्छा उपाय है। जेई, एईएस बीमारी के तथ्यों की जांच करने पर ज्ञात हुआ कि इसका प्रमुख कारण गंदगी एवं दूषित जल है। स्वच्छता से जेई, एईएस के विषाणुओं को पनपने से रोकने में काफी मदद मिलेगी, जिससे मासूम बच्चों की असमय होने वाली मौत पर काबू पाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इंसेफलाइटिस बीमारी से बचाव के लिए 38 जनपदों में 93 लाख बच्चों का टीकाकरण किया गया है।

Gorakhpur में की स्वच्छता अभियान की शुरूआत

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी साल 31 दिसम्बर तक गोरखपुर को तथा अगले साल दो अक्टूबर, 2018 तक प्रदेश को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) करने की समय सीमा तय की गयी है।

मुख्यमंत्री श्री योगी शनिवार को गोरखपुर के गोरखनाथ क्षेत्र में मलिन बस्ती अंधियारीबाग मोहल्ले से ’’स्वच्छ उत्तर प्रदेश, स्वस्थ उत्तर प्रदेश’’ के तहत स्वच्छता अभियान की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने बाबा साहब डाॅ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया तथा मलिन बस्ती की सड़कों पर झाड़ू लगाकर लोगों को स्वच्छता के प्रति प्रेरित किया।

इस मौके पर वहां पर उपस्थित जनसमूह हो सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सरकार बनने के बाद से ही लगातार लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए कार्य किया जा रहा है। ओडीएफ अभियान के तहत खुले में शौच से मुक्त करने के तहत गंगा के तट पर बसे गांवों को ओडीएफ करा दिया गया है।

उन्होंने कहा कि स्वच्छता का एक विशेष अभियान चलाकर डेंगू व कालाजार जैसी भयानक बीमारियों से बचाव किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत स्वच्छ उत्तर प्रदेश का एक विशेष अभियान 17 से 25 अगस्त तक चलाया जा रहा है।

इस अभियान में आमजन की सहभागिता बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जनपद के विभिन्न मोहल्लों, वाॅर्डों में विभिन्न संगठनों, समाज सेवियों, स्वंय सेवकों एवं आमजन को जोड़ते हुए कमेटी का वाॅर्डवार गठन किया जाए, जिससे यह समिति अभियान चलाकर लोगों में सफाई के प्रति जारूकता लाए।

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