बच्चों की मौत के बहाने निर्जीव opposition  को मिली सियासी Oxygen 

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(देवव्रत)

लखनऊ। उप्र के गोरखपुर में देश के भविष्य का गला भले ही आॅक्सीजन की कमी अथवा अन्य कारणों से घुट गया हो लेकिन बीती सात अगस्त से लेकर अब तक 70 से अधिक बच्चों की मौत आईसीयू में अचेतन अवस्था में भर्ती विपक्ष के लिए सियासी आॅक्सीजन का काम किया है। यूं तो मस्तिष्क ज्वर यानि जैपनीज इंसेफेलाइटिस से बीते दो दशकों से बच्चों की मौतों की खबरें अब मीडिया की सुर्खियां भी नहीं बनतीं लेकिन अचानक गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कालेज में एक के बाद एक दर्जनों की संख्या में हुई मौतों ने विपक्ष को बैठे-बिठाये एक मुद्दा दे दिया है और अब छोटा हो या बड़ा हर राजनैतिक दल पानी पी-पीकर उप्र की योगी आदित्यनाथ सरकार कोसने से नहीं चूक रहा है।

कई विपक्षी दलों ने मेडिकल कालेज की परिक्रमा की

अब तक प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी का प्रतिनिधिमण्डल मेडिकल कालेज का दौरा भी कर चुका है। वहीं अब कल और राजनैतिक दलों के नेता वहां अपनी राजनैतिक रोटियां सेंकने पहुंचेंगे। इस बीच सूबे में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पूरी तरह से बचाव की मुद्रा में है और विपक्षी हमलों से बचने के लिए कई बार हड़बड़ाहट में हास्यास्पद बयान भी दिए जा रहे हैं।

B.J.P. की शतरंजी से हर तरफ गए थे बिखर

दरअसल इसी साल मार्च के महीने में विपक्षी दलों को चारों खाने चित्त कर भारतीय जनता पार्टी ने उप्र विधानसभा चुनाव में प्रचण्ड बहुमत हासिल किया था। बाद में योगी आदित्यनाथ को इस सरकार की बागडोर सौंपी गयी। योगी ने सत्ता संभालते ही अपने चिरपरिचित अंदाज में ‘बैटिंग’ शुरू की। उनके तेवरों से एक बारगी तो विपक्ष सकते में आ गया लेकिन सूबे की कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष ने आधी-अधूरी तैयारी के साथ सरकार पर हमला तो बोला लेकिन कोई प्रभाव डालने में वह नाकामयाब रहा।

अब जबकि गोरखपुर के बाबा राघवदास मेडिकल कालेज में आक्सीजन ठप होने से हुई मौतों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां बढ़ गई हैं। मुख्यमंत्री से इस्तीफा देने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग को लेकर जगह-जगह पुतला फूंके जा रहे हैं। मेडिकल कालेज में भी प्रदर्शन शुरू हो गया है।

SAPA  छात्रसभा ने जलाया C.M. का पुतला

सपा छात्रसभा ने विश्वविद्यालय गेट पर मुख्यमंत्री का पुतला जलाया। शहर के काली मंदिर तिराहे पर भी मुख्यमंत्री का पुतला जलाया गया।
विपक्षी नेताओं ने मौका गंवाये बिना कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार पूरी तरह फेल हो गई है। मेडिकल कालेज में ऑक्सीजन से मासूमों की मौत हो रही है और प्रदेश सरकार खामोश बैठी हुई है। अभी तक किसी जिम्मेदार पर कार्रवाई नहीं की गई है। मेडिकल कालेज के जिम्मेदारों को बवाने का कार्य किया जा रहा है। ऐसे में मुख्यमंत्री को तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए।

प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी गोरखपुर में मासूमों की मौत मामले पर सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष से सच छिपाना चाह रही है। श्री यादव ने प्रदेश सरकार को मौतों का जिम्मेदार बताया। इसके साथ ही उन्होंने जिला प्रशासन व मेडिकल प्रशासन पर आंकड़े छुपाने समेत तथा मृतकों के परिवारजिनों को जबरन एंबुलेंस में भरकर घर भेजने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और मेडिकल प्रशासन ने इस घटना का सही-सही आंकलन मीडिया तक नहीं पहुंचाया। उन्होंने कहा कि जब मरीजों की स्थिति बिगडने लगी तो आस पास के जिलों से आक्सीजन भेजी गई। उन्होंने कहा कि हो सकता है कमीशन की वजह से भुगतान ना हुआ हो।

अगर मुख्यमंत्री स्तर पर समीक्षा में आक्सीजन भुगतान ना होने की बात सामने नही आई तो गलती किसकी। गोरखपुर की घटना दुखद है। उन्होंने कहा कि गोरखपुर के मेडिकल कालेज में सभी आधुनिक सुविधाएं मिलनी चाहिए। वहां पर पूर्वांचल, नेपाल और बिहार से भी बच्चे इलाज के लिए आते हैं। योगी आदित्यनाथ सरकार इन चीजों पर ध्यान नही दे रही। हम केवल आवाज उठा रहे हैं मदद नही कर सकते। इस बीच नेता प्रतिपक्ष सपा के रामगोविन्द चैधरी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमण्डल भी गोरखपुर पहुंच गया।

उधर, बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि इस दर्दनाक घटना के लिए भारतीय जनता पार्टी की सरकार की जितनी निंदा की जाए उतनी कम है। मायावती ने कहा कि यह मौत नहीं हाहाकार है। समाजवादी पार्टी और बसपा दोनों ने ही अपनी टीम बीआरडी मेडिकल कॉलेज भेजकर जायजा लेने की बात कही है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने मेडिकल कॉलेज में हुए हादसे को लेकर अपना बयान जारी किया है। मायावती ने कहा कि भाजपा का स्वाभाव गलतियों को स्वीकार करने की आदत नहीं है।

अब मामले की जांच कर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। मासूम बच्चों की मौत पर मुख्यमंत्री योगी को कड़ा एक्शन लेना चाहिए। गोरखपुर में मासूमों की मौत से हाहाकार मचा है। उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन सप्लाई मामले में सरकार की उदासीनता है।

वहीं राज्यसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता गुलाम नबी आजाद, प्रदेष कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर, राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी, डा. संजय सिंह तथा कांग्रेस विधान मण्डल दल के नेता अजय कुमार लल्लू आदि पार्टी नेताओं ने भी गोरखपुर मेडिकल कालेज का दौरा किया। इस दौरान श्री आजाद ने कहा कि कहा कि यह हृदयविदारक घटना है।

बच्चों की मौत से दुःखी हूं। यह राज्य सरकार की लापरवाही के कारण हुआ। उन्होंने कहा कि सरकारी तंत्र फेल होने से घटना घटी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री 48 घंटे पूर्व ही गोरखपुर आये थे और मेडिकल कालेज का दौरा किया था। उन्होंने कहा कि बच्चों की मौतों के पीछे राज्य सरकार इसके लिए पूरी तरह से जिम्मेदार है और इसकी जिम्मेदारी प्रदेश के मुख्यमंत्री को लेनी होगी। श्री आजाद ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस सम्बन्ध में स्वास्थ्य मंत्री, स्वास्थ्य सचिव सहित सभी जिम्मेदार लोगों को तत्काल बर्खास्त करना चाहिए और उन्हें खुद इसकी जिम्मेदारी लेते हुए पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए।

साफ है कि देश के नौनिहालों की असामायिक मौतों को लेकर राजनेता कितने दुखी हैं यह माप पाना तो बड़ी टेढ़ी खीर है लेकिन इतना तय है कि यह घटना कई राजनैतिक दलों और उनके नेताओं के लिए संजीवनी जरूर साबित हो सकती है।

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