Doklam Stand Off – China करना चाहता था India को बदनाम लेकिन Russia ने नहीं दिया साजिश में साथ

नई दिल्ली । लगभग ढाई महीनें से चल रहा डोकलाम गतिरोध अब समाप्त होता दिख रहा है। लेकिन दो बड़े देशों की कूटनीतिक चाल का आधार बना यह विवाद अब भी कई पुराने पन्ने पलट रहा है। विवाद के दौरान भारत के खिलाफ चीन ने कई साजिशें रची। डराने, धमकाने के साथ ही बदनाम करने का प्रयास भी चीन की तरफ से किया गया। लेकिन उसकी दाल नहीं गली। वजह थी अंतर्राष्ट्रय जगत में भारत की तरफ से मुखर होते स्वर और अन्दर से ही सही रूस का भारत के खिलाफ खड़ा न होना। सूत्रों के मुताबिक, भारत को बदनाम करने के लिए चीन ने रूस का साथ चाहा था लेकिन वह सफल नहीं हो सका।

दरअसल, रूस की डोकलाम मुद्दे पर असंजस की स्थिति रही होगी। लेकिन मॉस्को के रुख का भारत-रूस रिश्तों पर असर पड़ना स्वाभाविक था। इससे ब्रिक्स सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका भी प्रभावित होती। चीन के तटवर्ती शहर जियामेन में रविवार को ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के लीडर्स सम्मेलन में शिरकत करेंगे।

एक प्रतिष्ठित अखबार की खबर के मुताबिक, डोकलाम विवाद पर रूस का रुख पेइचिंग में उसके राजदूत एंद्रे जिनिसोव के बयान से ही साफ हो गया, जब उन्होंने कहा, भारत-चीन सीमा पर जो हालात हैं, उससे हम सब दुखी हैं। राजदूत का यह बयान 28 अगस्त को डोकलाम विवाद भारत-चीन समझौते के ऐलान से कुछ घंटों पहले ही आया था। इसके बाद से ही दोनों ने अपने-अपने सैनिकों को वापस बुलाना शुरू कर दिया था।

उधर रूस की मीडिया में भी एंद्रे का बयान आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि हमारे चीनी और भारतीय मित्र खुद ही इस समस्या का समाधान निकाल सकते हैं। हमें नहीं लगता कि उन्हें किसी मध्यस्थ की जरूरत है। इससे साफ हो गया कि डोकलाम मुद्दे पर रूस तटस्थ रहते हुए चीन की चालबाजी में शामिल नहीं होना चाहता।

America भी रहना चाहता था विवाद से दूर
द हेरिटेज फाउंडेशन में दक्षिण एशिया पर रीसर्च फेलो और साउथ एशिया नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (व्हाइट हाउस) के नवनियुक्त निदेशक जेफ स्मिथ ने शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट में कहा कि डोकलाम संकट की वजह से ट्रम्प प्रशासन की स्थिति बेहद असहज हो गई थी। यह वो विवाद था जिसमें वह बिलकुल नहीं पड़ना चाहते थे। हालांकि स्मिथ ने यह स्वीकार किया कि उन्हें इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं है कि वास्तव में ट्रम्प प्रशासन ने इस मामले पर आपस में आतंरिक स्तर पर क्या चर्चा की।

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