चिकित्सा सुविधायें पहुंचाना मानवता का काम-राष्ट्रपति कोविंद

लखनऊ । राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा है कि जन-जन तक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी बहुत महत्वपूर्ण है और इसे भली-भांति निभाने के लिए सरकार और सिविल सोसाइटी, निजी एवं चैरिटेबल संस्थाओं के साथ-साथ औद्योगिक क्षेत्र मिलकर काम कर रहे हैं।

यह सराहनीय है क्योंकि यह सेवा का काम है, मानवता का काम है। उन्होंने कहा कि बीमारी से लड़ने के लिए लोगों को अपनी जमा-पूंजी और जमीन-जायदाद लगानी पड़ती थी। इस स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने, पिछले वर्ष ‘आयुष्मान भारत’ योजना शुरू की है।

इसके अन्तर्गत, देश के लगभग 10 करोड़ 74 लाख गरीब एवं पिछड़े परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा दी जानी है। लगभग 50 करोड़ लोग इस योजना के दायरे में शामिल हो सकेंगे। हर साल ऐसे प्रत्येक परिवार को पांच लाख रुपए तक की इलाज सहायता की व्यवस्था की गई है।

राष्ट्रपति कोविंद रविवार शाम यहां एक निजी अस्पताल का उदघाटन के मौके पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि हाल ही में पुलवामा में हमारे जवानों के बलिदान से देश भर के नागरिक गहरी पीड़ा में हैं।

उत्तर प्रदेश के भी कई जवानों ने इस हमले में अपनी शहादत दी है। हमारी संवेदनाएं उन जवानों के परिजनों के साथ हैं। मैं, पूरे राष्ट्र की ओर से, उनकी शहादत को नमन करता हूं।

उन्होंने कहा कि लखनऊ केवल उत्तर प्रदेश की राजधानी ही नहीं है अपितु आधुनिक ज्ञान-विज्ञान के नगर के रूप में भी इसकी विशेष पहचान है। यहां पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय महत्व के अनेक संस्थान काम कर रहे हैं।

चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में संजय गांधी स्नातकोत्तर चिकित्सा विज्ञान संस्थान (एसजी पीजीआई) बड़े पैमाने पर लोगों की सेवा कर रहा है। वहीं अब 300 से अधिक बिस्तरों वाले इस अस्पताल के शुरू होने से लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं अधिक आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी।

राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि अभी तक देश के लगभग 63 प्रतिशत लोगों को अपने और अपने परिजनों के इलाज का खर्च स्वयं ही उठाना पड़ता था। यह खर्च गरीब को और भी गरीब बनाता था। बीमारी से लड़ने के लिए लोगों को अपनी जमा-पूंजी और जमीन-जायदाद लगानी पड़ती थी।

इस स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने, पिछले वर्ष ‘आयुष्मान भारत’ योजना शुरू की है। इसके अन्तर्गत, देश के लगभग 10 करोड़ 74 लाख गरीब एवं पिछड़े परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा दी जानी है। लगभग 50 करोड़ लोग इस योजना के दायरे में शामिल हो सकेंगे।

हर साल ऐसे प्रत्येक परिवार को पांच लाख रुपए तक की इलाज सहायता की व्यवस्था की गई है। सितम्बर, 2018 में योजना लागू होने के बाद से अब तक, लगभग 12.28 लाख लोगों का इलाज इसके अंतर्गत किया गया है। उन्होंने कहा कि अच्छे स्वास्थ्य के लिए स्वच्छता बहुत ही जरूरी है।

गंदगी बहुत सी बीमारियों को बढ़ावा देती है। भारत सरकार ने ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के माध्यम से लोगों में स्वच्छता का संदेश पहुंचाया है। देश भर में स्वच्छता का दायरा 2014 के लगभग 38 प्रतिशत से बढ़कर अब 98 प्रतिशत तक पहुंच गया है।

अब तक लगभग 9.23 करोड़ शौचालय बनाए जा चुके हैं। इन शौचालयों के बनने से गरीबों की अनेक बीमारियों से सुरक्षा हो पा रही है।

राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि उत्तर प्रदेश में लोगों के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने के अनेक उपाय किए गए हैं। लोगों को कम दामों पर दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश भर में खोले गए 417 जन औषधि केन्द्रों में से 118 केन्द्र, सरकारी अस्पतालों में खोले गए हैं।

51 जिला चिकित्सालयों में उन्नत चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने पर तेजी से काम चल रहा है। प्रदेश के 13 चिकित्सालयों में डायलिसिस सेवाएं शुरू हो गई हैं और मार्च 2019 तक 30 जिला चिकित्सालयों में निशुल्क सी.टी. स्कैन सेवाएं प्रारम्भ हो जाएंगी। व्यापक स्तर पर नागरिकों तक स्वास्थ्यसेवाएं पहुंचाने के लिए लगभग 5,600 चिकित्सकों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा गया है।

उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने दिसम्बर, 2014 में ‘मिशन इन्द्रधनुष’ प्रारम्भ करके टीकाकरण का सघन कार्यक्रम लागू किया है जिसके तहत अब तक, 87 लाख से अधिक गर्भवती महिलाओं और 3.39 करोड़ से अधिक बच्चों का टीकाकरण किया गया है।

‘प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना’ के तहत देश भर में 4,900 से अधिक जन औषधि केन्द्र खोले गए हैं, जहां लोगों को 700 से अधिक दवाइयां बहुत कम कीमत पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। कोविंद ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में इन्सेफ्लाइटिस की रोकथाम के लिए डब्ल्यू. एच. ओ. तथा यूनिसेफ के सहयोग से ‘एक्शन प्लान 2018’ लागू किया गया है।

परिणामस्वरूप, जापानी इन्सेफ्लाइटिस से होने वाली दुखद मौतों की संख्यामें 2017 के मुकाबले 2018 में लगभग 68 प्रतिशत की कमी आई है। इसके साथ ही, इसी अवधि में, इस रोग से ग्रस्त रोगियों की संख्या में भी लगभग 53 प्रतिशत की कमी आई है। इस मौके पर प्रदेश के राज्यपाल राम नाइक, केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह और उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा भी मौजूद थे।

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