देखें मोदी के किस अभियान पर मँडरा रहे भ्रष्टाचार के बादल ?

(दीपक पाठक)

कन्नौज। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट स्वच्छ भारत मिशन भ्रष्टाचारी नेताओं और अफसरों की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। यूपी के कन्नौज में SBM के तहत बनने वाले शौचालय में प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी की मिलीभगत से घटिया निर्माण के मामले सामने आये हैं। जिसके बाद पंचायती राज विभाग कई प्रधानों और वीडीओ पर कार्यवाही की तैयारी कर रहा है।

स्वच्छ भारत मिशन में प्रधान और सचिव किस तरह भृष्टाचार का पलीता लगा रहे हैं। इसकी सच्चाई कन्नौज की 2 ग्राम सभाओं। में सामने आयी।जबकि कन्नौज के जिलाधिकारी जगदीश प्रसाद ने अभी हाल ही में एक गांव में फरियादी की गुहार पर रातों रात शौचालय का निर्माण कराकर एक अनूठी मिसाल पेश की थी,बाबजूद इसके हम आपको दिखाते है कि किस तरह एसबीएम योजना में बन रहे शौचालयों में प्रधान भृष्टाचार करने पर उतारू हैं।

यह तस्वीर है कन्नौज के उमर्दा ब्लॉक के बहसार गांव की । यहां प्रधान ने लाभार्थी के खाते में रुपये न डालकर खुद ही अपनी मर्जी से शौचालय बनवा डाले। वह भी निर्माण में सबसे घटिया ईंट और मौरंग की जगह बालू का इस्तेमाल किया। जिसे कन्नौज सीडीओ ने जांच में गड़बड़ पाए जाने के बाद निर्माण दोबारा करवाने का आदेश दिया था।

लेकिन प्रधान ने अफसरों की आंखों में धूल झोंकते हुये उसी निर्माण की रंगाई पुताई करवाकर भृष्टाचार पर पर्दा डाल दिया। अधूरे शौचालय और प्रधान के भृष्टाचार की पोल निर्मित शौचालय और ग्रामीण खुद ही बयां कर रहे हैं। CDO की जांच के बाद भी प्रधान ने शौचालय निर्माण के भृष्टाचार पर रोक नही लगाई तो ग्रामीणों ने कन्नौज डीएम से शिकायत की।

डीएम ने अपने स्तर से गड़बड़ी की जांच करवाई तो 38 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया। जिसके बाद डीएम ने प्रधान को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जिलाधिकारी जगदीश प्रसाद का कहना है कि अगर प्रधान ने 15 दिन में जवाब नही दिया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

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