खतरे में देश की सीमाएं, R.T.I. से हुआ खुलासा !

लखनऊ। देश की सीमाएं खतरे में हैं। केंद्र में चाहे जो सरकार रही हों, और वहां से उमड़ रहे खतरों से निपटने के दावे चाहे कितने जाएं। लेकिन सच्चाई यह है कि सीमा पर देश की सुरक्षा करने वाले सीमा सुरक्षा बल में जिम्मेदार अधिकारियों के 36 फीसदी रिक्त हैं। इस बात का खुलासा हुआ है एक आरटीआई द्वारा ।

गृह मंत्रालय, भारत सरकार के उप सचिव आरबीएस नेगी द्वारा आरटीआई में प्रदत्त सूचना के अनुसार भारत-नेपाल तथा भारत-भूटान सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (एसएसबी) में गजेटेड अफसरों की 36% रिक्ति है, जहाँ 2215 गजेटेड अफसरों की निर्धारित संख्या में 815 पद खाली हैं। भारत-चीन सीमा पर तैनात भारत-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (आईटीबीपी) में 2094 गजेटेड अफसरों की निर्धारित संख्या में 573 पद (27%) खाली हैं।

एसएसबी, आईटीबीपी, बीएसएफ, सीआईएसएफ, सीआरपीएफ तथा असम राइफल की 06 केन्द्रीय सुरक्षा बलों में गजेटेड अफसरों की कुल 17967 निर्धारित संख्या में 2892 पद (16%), रिक्त हैं, जिसमे सबसे अच्छी स्थिति सीआरपीएफ की है जहाँ 5513 गजेटेड अफसरों के पद में 485 पद (8%) खाली हैं।

इनकी तुलना में केंद्रीय सुरक्षा बलों में अधीनस्थ अधिकारी (एसओ) तथा सिपाहियों की स्थिति बेहतर है। 961580 एसओ तथा सिपाहियों की कुल संख्या में 61368 पद खाली हैं, जो कुल पद का 6% है।

यहाँ भी सर्वाधिक बुरी स्थिति एसएसबी की है जहाँ 96643 एसओ तथा सिपाहियों की कुल संख्या में 20581 पद (21%) रिक्त हैं। सीआरपीएफ की स्थिति सबसे अच्छी है जहाँ 312882 एसओ तथा सिपाहियों की कुल संख्या में मात्र 13276 पद (4%) रिक्त हैं।

Share this

media mantra news

Technology enthusiast

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *