हाई कोर्ट ने पीएमएस डाक्टरों की अनिवार्य सेवावृद्धि पर मांगा जवाब

लखनऊ । इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने सरकारी डाक्टरों के रिटायरमेंट की उम्र अनिवार्य रूप से बढाने के खिलाफ दायर याचिका पर सरकार से एक सप्ताह में जवाब माँगा है। जस्टिस श्री नारायण शुक्ला तथा जस्टिस शिव कुमार सिंह प्रथम की बेंच ने यह आदेश याचिकाकर्ता डॉ. आरके सैनी की अधिवक्ता डॉ. नूतन ठाकुर तथा शासकीय अधिवक्ता को सुनाने के बाद पारित किया।

डा. नूतन ने कोर्ट को बताया कि सरकार ने 31 मई 2017 को सरकारी डाक्टरों की उम्र 60 से 62 साल कर दिए लेकिन 60 साल में सेवानिवृत्त होने का विकल्प रखा। एक महीने बाद 04 जुलाई 2017 को सरकार ने 60 साल में रिटायर होने की वैकल्पिक व्यवस्था को खत्म करते हुए सभी सरकारी डॉक्टर के रिटायरमेंट की उम्र 62 साल कर दी, जो अनुचित है।

कोर्ट ने सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा है कि क्या यह परिवर्तन मूल नियमों के अनुरूप है तथा सुनवाई की अगली तारीख 30 अगस्त रखा है।

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