पुराने लम्बित राजस्व वादों को जल्द करें निस्तारित— C.S.

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लखनऊ । मुख्य सचिव राजीव कुमार ने निर्देश दिये हैं कि एक वर्ष से अधिक पुराने लम्बित राजस्व वादों का निस्तारण यथाशीघ्र प्राथमिकता से कराकर निर्धारित लक्ष्य को हासिल किया जाये।

उन्होंने कहा कि कृषि, आवास स्थल, मत्स्य पालन, वृक्षारोपण एवं कुम्हारी कला के लिए भू-आवंटन के निर्धारित लक्ष्य को शत-प्रतिशत हासिल करने के लिए अभियान चलाया जाये।

उन्होंने कहा कि तालाबों का सत्यापन कराकर मत्स्य पालन पट्टे कराये जाये तथा उद्यान विभाग से समन्वय कर तालाबों के किनारे मनरेगा के अन्तर्गत फलदार वृक्ष लगवाये जायें।

सम्पूर्ण समाधान दिवसों एवं थाना दिवसों में सम्बन्धित राजस्व अधिकारियों एवं कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा माॅनीटरिंग सुनिश्चित की जाये। उन्होंने कहा कि विगत 20 वर्षों से लम्बित चकबंदी प्रक्रिया को पूर्ण कराने हेतु आवश्यक कार्यवाहियां प्राथमिकता से सुनिश्चित कराते हुये अभी तक हुये विलम्ब के कारणों की जांच कराकर जिम्मेदार लापरवाह अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्यवाही करने का प्रस्ताव किया जाये।

विगत कई वर्षों से लम्बित चकबंदी प्रक्रिया को पारदर्शिता एवं गुणवत्ता के साथ यथाशीघ्र पूर्ण कराने हेतु आगामी 15 दिन में एक कार्य योजना प्रस्तुत की जाये।

राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा
मुख्य सचिव सोमवार को यहां राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा कर विभागीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दे रहे थे।

उन्होंने भूमि अध्याप्ति कार्यों की समीक्षा करते हुये राज्य स्तरीय परियोजना हेतु उपलब्ध धनराशि 4586.85 करोड़ रुपये के सापेक्ष 753.82 करोड़ रुपये तथा भारत सरकार की परियोजना हेतु उपलब्ध धनराशि 23156.69 करोड़ रुपये के सापेक्ष मात्र 16807.70 करोड़ रुपये वितरित होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुये निर्देश दिये हैं कि नियमानुसार एवं पारदर्शिता के साथ अवशेष धनराशि का वितरण प्राथमिकता के अनुसार यथाशीघ्र कराया जाना सुनिश्चित कराया जाये।

उन्होंने ग्राम समाज एवं शासकीय भूमि से अवैध कब्जों को हटाने हेतु गठित त्रिस्तरीय एण्टी भू-माफिया टास्क फोर्स द्वारा नियमित रूप से अनुश्रवण कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिये।

उन्होंने कहा कि भूलेख नियमावली का प्रख्यापन तथा 18073 राजस्व ग्रामों में खातेदारोंध्सहखातेदारों का अंशनिर्धारण एवं आधार सीडिंग का कार्य आगामी जनवरी, 2018 तक अवश्य पूर्ण करा दी जाये। उन्होंने कहा कि 1,16,000 मानचित्रों का डिजिटाइजेशन कर उन्हें खतौनी से लिंक कराये जाने का कार्य अप्रैल, 2018 तक पूर्ण कराने का लक्ष्य हासिल करें।

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