बॉल टेम्परिंग पर यह हैं आईसीसी के नियम

स्पोर्टस डेस्क। अच्छी स्विंग (रिवर्स स्विंग) के लिए कई बार मैदान के भीतर ही मौजूद खिलाड़ी गेंद से छेड़छाड़ करना शुरू कर देते हैं। यह आईसीसी के नियम के खिलाफ है। आईसीसी के नियम 42.3 के तहत बॉल टैम्परिंग को गलत माना गया है ।
 ऐसा करने पर कड़ी कार्रवाई की प्रावधान भी है। अगर अंपायरों को लगता है कि गेंद के साथ छेड़छाड़ हुई है तो वे इस के लिए जिम्मेदार खिलाड़ी पर कार्रवाई करते हैं।
इस मामले में कार्रवाई करने से पहले इसकी सूचना सबसे पहले कप्तान को दी जाती है। आवश्यकता पड़ने पर बल्लेबाजी करने वाली टीम को पांच पेनाॅल्टी रन भी दिए जाते हैं।

 दोषी पाए जाने वाले खिलाड़ी के मैच फीस में कटौती के साथ बैन भी लगाया जाता है। अगर अंपायर को लगता है कि गेंद के साथ छेड़छाड़ हुई है लेकिन यह पता नहीं चल पा रहा है कि यह किसने की है तो सबसे पहले कप्तान को इस बारे में बताया जाता है और वार्निंग दी जाती है कि आगे ऐसा न हो। अगर आगे भी ऐसा होता है तो कप्तान के खिलाफ भी कार्रवाई होती है.

क्या ऑस्ट्रेलियाई प्लेयर्स पर की जाएगी कड़ी कार्यवाई ?

हाल ही में आॅस्ट्रेलिया व साउथ अफ्रीका के बीच तीसरे टेस्ट मैच में बाॅल टेम्परिंग का मामला सामने आया है।

 मैदान में लगे बड़े परदे पर ऑस्ट्रेलिया के कैमरन बैनक्रॉफ्ट अपनी पतलून में छोटी सी पीली चीज रखते हुए देखे गए। जब मैदान में मौजूद अंपायर ने इस के बारे में बैनक्रॉफ्ट से पूछा तो वह अपने पॉकेट से चश्मा साफ करने वाला कपड़ा दिखाया।

हालांकि बाद में बैनक्रॉफ्ट ने माना कि उन्होंने गेंद की चमक खराब करने के लिए पीले रंग के टेप का इस्तेमाल किया था।

कप्तान स्टीव स्मिथ ने भी माना कि ऑस्ट्रेलियाई लीडरशिप को इसके बारे में पता था यानी कप्तान स्मिथ और उपकप्तान डेविड वॉर्नर इस बारे जानते थे और प्लानिंग में शामिल थे।

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One thought on “बॉल टेम्परिंग पर यह हैं आईसीसी के नियम

  • April 14, 2018 at 4:12 am
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    ICC का बहुत अच्छा फैसला।

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