टाइगर को कोर्ट ने ठहराया कुसूरवार, दी 5 साल की सजा

जोधपुर। वर्ष 1998 में हुए काला हिरण शिकार के प्रकरण में जोधपुर कोर्ट ने सलमान खान को दोषी करार दे दिया है। वहीं इस मुकदमें में सह आरोपी सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली व नीलम को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया। वहीं माननीय न्यायालय  ने सलमान खान को  5 साल की सजा सुनाई ।

मामला सितंबर-अक्टूबर 1998 का है। तब ये सभी फिल्म ‘हम साथ-साथ हैं’ की शूटिंग के सिलसिले में राजस्थान में थे। सलमान खान और उनके साथियों पर 2 चिंकारा और 3 काले हिरणों (ब्लैक बक) के शिकार का आरोप लगा था। सलमान पर आर्म्स एक्ट के तहत भी केस दर्ज हुआ था।

इसलिए पाए गए दोषी

1— शिकार के चार मुकदमों में यह सबसे मजबूत मुकदमा था

यह केस शुरू से ही सबसे मजबूत माना जा रहा  था।  क्योंकि 1 अक्टूबर 1998 की रात जब इन बॉलीवुड स्टार्स ने कांकाणी में संरक्षित वन्य प्राणी दो काले हिरणों का शिकार किया था तो ग्रामीणों ने गोली की आवाज सुनकर उनका पीछा भी किया था। ग्रामीणों ने उन्हें मौके पर देखा था और हिरणों के शव भी वन विभाग को सुपुर्द किए थे। इस मामले में सलमान गोली चलाने के आरोपी बनाए गए।

शिकार से जुड़े बाकी के दोनों केस में इकलौता चश्मदीद हरीश दुलानी था, उसने भी बयान बदल लिए थे। उसने सलमान के अलावा दूसरे कलाकारों को पहचानने से इनकार कर दिया था। दूसरा कमजोर पक्ष यह भी था कि उसमें हिरणों के शव नहीं मिले थे।

2— पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हुआ खुलासा

कांकाणी केस में पहली रिपोर्ट डॉ. नेपालिया की थी। उनकी रिपोर्ट के मुताबिक, एक हिरण की मौत दम घुटने से और दूसरे हिरण की मौत गड‌्ढे में गिर जाने और श्वानों द्वारा उसे खाने से हुई थी। अभियोजन पक्ष का कहना था कि यह रिपोर्ट सही नहीं थी क्योंकि इसमें गन इंजरी की बात नहीं थी।

इसके बाद मेडिकल बोर्ड बैठाया गया। बोर्ड ने दूसरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दोनों काले हिरणों की मौत की वजह गन शॉट इंजरी बताई।

सलमान खान पर कुल चार केस थे। तीन हिरणों के शिकार के और चौथा आर्म्स एक्ट का। दरअसल, तब सलमान के कमरे से उनकी निजी पिस्टल और राइफल बरामद की गई थीं, जिनके लाइसेंस की मियाद खत्म हो चुकी थी।

जानिए कब व कहां किए गए शिकार

 सलमान पर जोधपुर के घोड़ा फार्म हाउस और भवाद गांव में 27-28 सितंबर 1998 की रात हिरणों का शिकार करने का आरोप लगा था । कांकाणी गांव में 1 अक्टूबर को 2 काले हिरणों के शिकार करने का भी आरोप था।

सैफ अली, नीलम, सोनाली और तब्बू क्यों थे आरोपी ?

कांकाणी गांव शिकार मामले में गवाहों ने कोर्ट में बताया था कि गोली की आवाज सुनकर वे मौके पर पहुंचे थे। शिकार सलमान ने किया था। जीप में उनके साथ सैफ अली, नीलम, सोनाली और तब्बू भी थे। इन पर सलमान को उकसाने का आरोप था। गांव वालों को देखकर सलमान मारे गए हिरणों को वहीं छोड़कर गाड़ी लेकर चले गए थे।

कितने मामलों में सजा सुनाई, कितनों में बाकी?

1) कांकाणी गांव केस: इसी केस में सलमान को गुरुवार को दोषी ठहराया गया। सजा का एलान होना बाकी है।

2) घोड़ा फार्म हाउस केस: 10 अप्रैल 2006 को सीजेएम कोर्ट ने 5 साल की सजा सुनाई थी। सलमान हाईकोर्ट गए। 25 जुलाई 2016 को उन्हें बरी किया गया। राज्य सरकार ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की है।

3) भवाद गांव केस: सीजेएम कोर्ट ने 17 फरवरी 2006 को सलमान को दोषी करार दिया और एक साल की सजा सुनाई। हाईकोर्ट ने इस मामले में भी सलमान को बरी कर दिया है। राज्य सरकार ने फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की है।

4) आर्म्स केस:18 जनवरी 2017 को कोर्ट ने सलमान को बरी कर दिया था। राज्य सरकार ने इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की है।

सलमान ने 20 साल में 18 दिन जेल में काटे

 हिरण शिकार के 3 मामलों में सलमान पुलिस और ज्यूडिशियल कस्टडी में 18 दिन जेल में रह चुके हैं।

6 दिन: वन विभाग ने 12 अक्टूबर 1998 को हिरासत में लिया था। वे 17 अक्टूबर तक जेल में रहे।

6 दिन: घोड़ा फार्म मामले में 10 अप्रैल 2006 को सलमान को लोअर कोर्ट ने 5 साल की सजा सुनाई। 15 अप्रैल तक जेल में रहे।

6 दिन: सेशन कोर्ट ने इस सजा की पुष्टि की। तब 26 से 31 अगस्त 2007 तक सलमान जेल में रहे।

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2 thoughts on “टाइगर को कोर्ट ने ठहराया कुसूरवार, दी 5 साल की सजा

  • April 14, 2018 at 8:31 am
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    हिंदुस्तान में गुन्हेगार कोई भी हो सज़ा सब के लिए एक बराबर है।

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  • April 15, 2018 at 2:46 am
    Permalink

    बहुत सही।

    Reply

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