नियुक्ति में खेल हुआ तो भुगतेंगे अफसर

लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि राज्य के बेरोजगार नौजवानों के भविष्य के साथ किसी भी भर्ती आयोग का मुखिया यदि खिलवाड़ करेगा तो सरकार उस मुखिया के भविष्य के साथ खिलवाड़ करेगी। साथ ही उन्होंने दावा किया कि राज्य में बीते 15 सालों में इतनी पारदर्शिता के साथ सरकारी विभागों में भर्तियां कभी नहीं हुई जितनी कि इस सरकार में हो रही हैं। उन्होंने विपक्ष को चुनौती दी कि यदि भर्तियों में धन उगाही का वे तथ्यों के साथ प्रमाण दे तो सरकार ऐसे तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करेगी।

मानसून सत्र के अन्तिम दिन विधानसभा में शून्यकाल के दौरान बसपा द्वारा लाये गए कार्यस्थगन प्रस्ताव पर सरकार का बचाव करते हुए नेता सदन-मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्तमान सरकार में एक लाख भर्तियां हुई और अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र भी मिले लेकिन कहीं से भी कोई अनियमितता की शिकायत नहीं मिली।
सभी भर्तियां पारदर्शी तरीके से की गयीं।

पूर्ववर्ती सरकार पर बरसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उप्र लोकसेवा आयोग हो या फिर अधीनस्थ सेवा आयोग इनके अध्यक्ष पद पर ऐसे लोगों को बैठा दिया गया था जो इसकी अर्हता तक नहीं रखते थे। भर्तियां निकलने पर एक पार्टी और एक परिवार के लोग प्रदेशभर में झोला लेकर निकलते थे और धन उगाही करते थे।

साक्षात्कार के नाम पर भी उगाही होती थी। पूर्व की सरकारों की विरासत रहे साल्वर गैंग पर अब एसटीएफ ने अपना षिकंजा कसा है। बेसिक शिक्षा, पुलिस भर्ती, विष्वविद्यालयों के खाली पदों पर भर्ती हुई लेकिन हर जगह पारदर्शिता रही।

वर्तमान में 69 हजार षिक्षकों और 50 हजार पुलिस कर्मियों की भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी आयोग में सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं है। उन्होंने विपक्ष को आगाह किया कि वह एक झूठ को 100 बार भी बोले तो वह सच नहीं हो जायेगा।

इससे पूर्व बसपा के सुखदेव राजभर ने यह प्रकरण उठाते हुए कहा कि सरकारी भर्तियों में अनियमितता हो रही है। अब तक कोई भी भर्ती नहीं हो सकी है। कुछ मामलों में न्यायालय ने हस्तक्षेप किया है तो कुछ की सीबीआई जांच हो रही है।

बेरोजगार नौजवान जब परीक्षा देने सेंटर पर पहुंचता है तब उसे पता चलता है कि पर्चा लीक हो गया है या फिर कुछ अन्य कारणों से परीक्षा निरस्त कर दी गयी है। उन्होंने कहा कि बेसिक षिक्षा की भर्ती में जो फेल हो गये थे उन्हें भी पास दिखाया गया।

गाजियाबाद में रहने वाले अभ्यर्थी का सेंटर गाजीपुर में डाल दिया गया। उन्होंने मांग की कि जो परीक्षायें निरस्त हो गयी हैं उनका शुल्क अभ्यर्थियों को वापस किया जाये। साथ ही उनके आने जाने में जो व्यय हुआ है उसका भी सरकार भुगतान करे। वहीं बसपा के ही लालजी वर्मा ने मुख्यमंत्री की बात पर कहा कि आज भी पंचायत सचिव के पद पर हो रही भर्तियों के लिए लोग झोला लेकर उगाही कर रहे हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने उन्हें तथ्यों के साथ प्रमाण देने की चुनौती दी।

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