विपक्ष के भारी हंगामें के बीच राज्यपाल नाईक ने थपथपाई योगी सरकार की पीठ

लखनऊ । आशा के अनुरुप उत्तर प्रदेश विधानमण्डल के बजट सत्र की मंगलवार को हंगामेदार शुरुआत हुई।

राज्यपाल राम नाईक के अभिभाषण के दौरान विपक्षी सदस्यों ने उनकी ओर कागज के गोले उछाले और शोरगुल तथा नारेबाजी की।

विपक्षी सदस्यों का अनुमान था कि राज्यपाल अपना अभिभाषण बिना पूरा पढ़े लौट जायेंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ और राज्यपाल ने पूरे 58 मिनट अपना भाषण पढ़ा।

इस दौरान उन्होंने राज्य की योगी सरकार की उपलब्धियां गिनायीं और सूबे की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर संतोष जताते हुए सरकार की पीठ थपथपाई।

राज्यपाल ने पूर्वाह्न 11 बजे समवेत सदन में जैसे ही अभिभाषण पढ़ना शुरू किया, विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने ‘राज्यपाल वापस जाओ’ के नारे लगाये और उनकी तरफ कागज के गोले फेंके। इस स्थिति को लेकर विधानसभा सुरक्षा कर्मी पहले से ही सचेत थे उन्होंने विपक्षी सदस्यों द्वारा फेंके गए कागज के गोलों को राज्यपाल तक नहीं पहुंचने दिया लेकिन बावजूद इसके दो-चार कागज के गोले राज्यपाल को लगे भी।

एक बार तो राज्यपाल ने इशरे से विपक्ष को ऐसे कृत्य करने से रोका लेकिन उसके बाद जब एक कागज का गोला उनके चेहरे पर लगा तो उन्होंने कहा कि ‘‘आपको ‘नेम’ करूंगा तो मुष्किल होगी।’’ वहीं उन्होंने विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी को नजर अंदाज कर पूरा अभिभाषण पढ़ा और प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों के बारे में सिलसिलेवार ब्यौरा पेश किया।

अपने अभिभाषण में राज्यपाल ने प्रदेष सरकार की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेष की कानून-व्यवस्था में आषातीत सुधार हुआ है। अब प्रदेश में आम आदमी को कोई भय नहीं है। महिलाओं को रात में भी घर से बाहर निकलने में डर नहीं लगता। प्रदेश में अपराधियों के विरूद्ध संचालित अभियान के परिणाम स्वरुप गम्भीर अपराधों में विगत वर्ष की तुलना में भारी गिरावट आयी है।

उन्होंने कहा कि शातिर अपराधियों के साथ कुल 3285 पुलिस कार्यवाही के प्रकरणों में 7626 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया, इस दौरान 946 अभियुक्त घायल हुए और 73 अपराधी मारे गए। वहीं इस कार्यवाही में 576 पुलिस कर्मी घायल हुए तथा चार जवान शहीद हुए। उन्होंने कहा कि 289 अपराधियों के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) तथा 10541 के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के अन्तर्गत कार्यवाही करते हुए लगभग 179 करोड़ की संपत्ति जब्त की गयी।

राज्यपाल ने कहा कि उप्र जो अब तक विकास की दौड़ में पीछे रहता था, मेरी सरकार के प्रयासों से तेजी से विकास पथ पर आगे बढ़ा है और नये कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) तथा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में आवास निर्माण, स्वच्छ भारत मिशन में शौचालय निर्माण तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों की स्थापना में देष में प्रदेश का प्रथम स्थान है।

उन्होंने कहा कि सौभाग्य योजना में उप्र विद्युत संयोजन की दृष्टि से सर्वाधिक संयोजन देने वाला प्रदेश रहा। इसी प्रकार गेहूं, गन्ना, आलू, दुग्ध एवं दुग्ध जन्य उत्पाद में भी उप्र प्रथम स्थान पर है। कौशल विकास नीति को लागू करने वाला देश का पहला राज्य उप्र ही है। देश में डीबीटी के माध्यम से कृषि निवेषों पर अनुदान के भुगतान में उप्र का प्रथम स्थान है।

अपने 30 पृष्ठों वाले भाषण के अंत में उन्होंने कहा कि कहा कि मैंने आपके समक्ष मेरी सरकार की प्रमुख नीतियों तथा कार्यों की संक्षिप्त रूपरेखा पेश की है। इस सत्र में वर्ष 2019-2020 के वित्तीय वर्ष का आय-व्ययक पेश किया जाएगा। साथ ही अन्य विधेयक भी प्रस्तुत किये जाएंगे, जिन्हें पारित करने की आपसे अपेक्षा की जाती है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि प्रदेश की जनता के हित में सभी सदस्य सरकार का सहयोग करके दलीय निष्ठा से उपर उठकर समाधान निकालेंगे और प्रदेश के तेजी से आगे ले जाने में अपनी भूमिका का निर्वाह करेंगे।

हंगामें के बीच राज्यपाल ने यह भी कहा कि मैं यह भी आशा करता हूं कि आप सभी सदस्य इस सदन की उच्च गरिमा और पवित्रता को कायम रखेंगे।

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