यूपी में और सक्रिय हुआ मानसून, हुई झमाझम बारिश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में दक्षिण-पश्चिमी मानसून की सक्रिय और बढ़ गयी है। बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अनेक हिस्सों में जमकर बारिष हुई। राजधानी लखनऊ में सोमवार अपरान्ह से शुरु हुई तेज बारिष देर शाम तक जारी रही। इस कारण कई इलाकों में विद्युत आपूर्ति भी बाधित हुई। वहीं जगह-जगह जलभराव के कारण यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो गयी। उधर, प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हुई इस बारिश से मौसम सुहावना रहा और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। अगले 24 घंटों के दौरान भी प्रदेश के अनेक हिस्सों में वर्षा होने का अनुमान है। मौसम का यह रुख अगले दो दिन तक बने रहने की सम्भावना है।
आंचलिक मौसम केन्द्र की रिपोर्ट के मुताबिक सूबे में पिछले 24 घंटों के दौरान कुछ इलाकांे में भारी वर्षा भी हुई। इस दौरान निघासन में सबसे ज्यादा 13 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गयी। इसके अलावा नगीना में 12, बर्डघाट में 11, शारदानगर और नगीना में 10-10, रायबरेली तथा पूरनपुर में नौ-नौ, फतेहपुर और पीलीभीत मंे सात-सात, अकबरपुर, बस्ती और मुरादाबाद में छह-छह, रामनगर, धामपुर तथा रामपुर में पांच-पांच सेंटीमीटर वर्षा हुई। इस बीच, केन्द्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक घाघरा नदी का जलस्तर एल्गिनब्रिज (बाराबंकी), अयोध्या और तुर्तीपार (बलिया) में खतरे के निशान के ऊपर बना हुआ है। शारदा नदी भी पलियाकलां में अब भी लाल चिह्न से ऊपर बह रही है। वहीं, शारदानगर में इसका जलस्तर खतरे के निशान के पास बना हुआ है। इसके अलावा गंगा नदी का जलस्तर नरौरा (बुलंदशहर), फतेहगढ़, गुमटिया (कन्नौज), अंकिनघाट (कानपुर देहात) और कानपुर में खतरे के निशान के नजदीक बना हुआ है। यमुना नदी का जलस्तर प्रयागघाट (मथुरा) में, सई नदी का रायबरेली में, राप्ती नदी का जलस्तर बलरामपुर और बांसी (सिद्धार्थनगर), क्वानो नदी चंद्रदीपघाट (गोण्डा) मंे लाल चिह्न के करीब है।

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