राम का नाम लेने में संकोच करते है कुछ दलों के नेता

गोरखपुर। भगवान श्रीराम से जुडे पौराणिक स्थलांे के विकास के प्रति कटिबद्धता जताते हुये उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश में कुछ राजनीतिक दलों के नेता मर्यादा पुरूषोत्तम का नाम लेने में भी संकोच करते हैं जबकि इस्लामिक देश इंडोनेशिया और श्रीलंका समेत कई अन्य देशांेे में राम को आदर्श के रूप में पूजा जाता है।

गोरखनाथ मन्दिर में महन्त अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि समारोह के मौके पर योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सत्ता में आते ही रामायण सर्किट की व्यापक योजना तैयार करायी और देश में श्रीराम से जुडे स्थलों को आपस में जोडने का कार्य किया जबकि पिछली सरकारें श्री राम का नाम तक लेने में परहेज करती थी। यहां तक कि उन्हे अयोध्या जाने में संकोच था। उन्हांेने कहा कि इस्लामिक देश इंडोनेशिया में रामलीला को लेकर काफी उत्साह रहता है। वहां सरकारी स्तर पर रामलीला का मंचन करने को प्रोत्साहित किया जाता है। वहां के लोग भगवान राम को अपना पूर्वज मानते है जबकि जिस देश में भगवान राम ने जन्म लिया, वहां यदि राम के नाम पर सरकार कोई कार्य करे तो उसे साम्प्रदायिक करार देने का कुत्सित प्रयास होने लगता है। ऐसा किया जाना देश को कमजोर करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंडोनेशिया की एयरलाइंस भगवान विष्णु के वाहन गरूण और मुदा्र गणपति के नाम पर है। इंडोनेशिया के अलावा श्रीलंका, थाईलैंड समेत विश्व के आधा दर्जन देश भगवान राम को अपना पूर्वज मानकर उनकी पूजा अर्चना करते हैं।

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