मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में हुआ 20 मुद्दों का समाधान

लखनऊ। केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को यहां हुई मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में वामपंथी उग्रवाद का सामना करने समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गयी। गृह मंत्री ने बताया कि इस बैठक में वामपंथी उग्रवाद का सामना करने के लिये इन राज्यों द्वारा परस्पर सहायता, पुलिस बलों के आधुनिकीकरण, वन सम्बन्धी अनापत्ति से जुड़े मुद्दों, राज्यों में शिक्षा से सम्बन्धित मुद्दे, उत्तर प्रदेश विद्युत निगम लिमिटेड द्वारा मध्य प्रदेश को बकाया की राशि का भुगतान, बुंदेलखण्ड पैकेज के लिये राज्यों को केन्द्र सरकार से अवशेष धनराशि दिया जाना तथा राष्ट्रीय आपदा प्रबन्धन नीति से सम्बन्धित 22 मुद्दों पर चर्चा की गयी। इनमें से 20 को सुलझा लिया गया।

परिषद की इस 21वीं बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, मध्य प्रदेश के परिवहन मंत्री भूपेन्द्र सिंह तथा छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री रामसेवक पैकरा ने हिस्सा लिया। बैठक के बाद केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि राज्यों के बीच आपसी सहयोग और समन्वय को बढ़ावा देने के लिये राज्य पुनर्गठन अधिनियम 1956 के तहत पांच क्षेत्रीय परिषदों (पश्चिमी, पूर्वी, उत्तरी, दक्षिणी एवं मध्य) स्थापित की गयी थीं। ये परिषदें आर्थिक और सामाजिक नियोजन, सीमा विवाद, भाषायी अल्पसंख्यक एवं अंतरराज्यीय परिवहन के क्षेत्र में आम हित के किसी भी मामले पर चर्चा करने और सिफारिश करने के लिये अधिकृत हैं। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार सरकारी संघवाद की भावना को बढ़ावा देना चाहती है और उसी के अनुरूप इस बैठक का आयोजन किया गया था। पिछले चार वर्षों के दौरान मध्य क्षेत्रीय परिषद की दो बैठकें तथा स्थायी समिति की तीन बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं। इसके अलावा अन्य क्षेत्रीय परिषदों की 11 तथा स्थायी समिति की 15 बैठकें आयोजित की गयी हैं। इन सभी बैठकों में लगभग 680 मुद्दों पर चर्चा हुई, जिनमें से 428 का समाधान कर लिया गया। गृह मंत्री ने बताया कि मध्य क्षेत्रीय परिषद की अगली बैठक छत्तीसगढ़ में होगी।

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