प्रोन्नति में आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का कुछ हद तक स्वागत-मायावती

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की मुखिया एवं उप्र की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने बुधवार को कहा कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति के कर्मचारियों को प्रोन्नति में आरक्षण पर उच्चतम न्यायालय के फैसले का कुछ हद तक स्वागत है। इस संबंध में शीर्ष अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया में मायावती ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है और केन्द्र एवं राज्य सरकारों से इसे लागू करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि राज्यों के लिए ऐसी कोई शर्त नहीं है कि वे पिछडेपन के आंकडे एकत्र करें, जैसा 2006 में था, राज्यों को यह फैसला सकारात्मक रूप से लेना चाहिए।

बसपा नेत्री मायावती ने कहा कि हमने लगातार संविधान संशोधन की बात की है, जिसे राज्यसभा ने पारित कर दिया था लेकिन अफसोस की बात है कि भाजपा, जो खुद को अनुसूचित जाति एवं जनजाति का हितैषी कहती है, ने चार साल बीत जाने पर भी इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने केन्द्र सरकार से मांग की कि अगर वह खुद को वास्तविकता में अनुसूचित जाति एवं जनजाति का हितैषी मानती है तो उसे राज्यों और संबद्ध विभागों को पत्र भेजकर कहना चाहिए कि वे इस फैसले को सकारात्मक ढंग से लें और इसका कार्यान्वयन करें। मायावती ने कहा कि बेहतर होगा कि केन्द्र सरकार संविधान संशोधन पारित कराये ताकि इस मसले का हमेशा के लिए समाधान हो जाए।

Share this

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *