डेयरी क्षेत्र के विकास की व्यापक सम्भावनाएं-योगी – गोकुल पुरस्कारों का हुआ वितरण

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में डेयरी क्षेत्र के विकास की व्यापक सम्भावनाएं हैं। डेयरी विकास के अनुकूल परिस्थितियां, आवश्यक संसाधन, मार्केट आदि सुविधाएं यहां उपलब्ध हैं। इन सम्भावनाओं को मूर्त रूप देने के लिए सम्मिलित प्रयास की आवश्यकता है। नए डेयरी संयत्रों की स्थापना, नयी दुग्ध समितियों का गठन, किसानों को उन्नत प्रजाति के दुधारू पशुओं को उपलब्ध कराकर दुग्ध उत्पादन में वृद्धि की जा सकती है।
मुख्यमंत्री सोमवार को यहां गोकुल पुरस्कार वर्ष 2017-18 के वितरण समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने वर्ष 2017-18 में प्रदेश में सर्वाधिक दुग्ध आपूर्तिकर्ता जनपद लखीमपुर खीरी की दुग्ध समिति बेलवामोती के सदस्य वरूण सिंह को 02 लाख रुपए का प्रथम पुरस्कार तथा जनपद मेरठ की दुग्ध समिति महिला नागौरी की सदस्य श्रीमती कुसुम को डेढ़ लाख रुपए का द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया। वरूण सिंह ने वर्ष 2017-18 में 1,23,650.50 लीटर तथा श्रीमती कुसुम ने 96,023.89 लीटर दूध की आपूर्ति की है। वहीं इस मौके पर मुख्यमंत्री ने पीसीडीएफ द्वारा जनता के उत्तम स्वास्थ्य के लिए विकसित ‘पराग’ फाॅर्टीफाइड दूध का शुभारम्भ किया। यह दूध विटामिन ‘ए’ एवं विटामिन ‘डी’ से युक्त होगा। साथ ही, पीसीडीएफ के गुणवत्ता आश्वासन अनुभाग द्वारा सोयाबीन पाउडर के अपमिश्रण की त्वरित जांच हेतु विकसित टेस्टिंग स्ट्रिप का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में प्रदेश के 73 जनपदों के सर्वाधिक दुग्ध उत्पादकों को गोकुल पुरस्कार के रूप में 51 हजार रुपए प्रदान कर सम्मानित किया गया। पुरस्कार प्राप्त करने वालों में 17 महिलाएं भी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने सम्मानित किए गए दुग्ध उत्पादकों की सराहना करते हुए कहा कि इन सबने ‘जहां चाह वहां राह’ के सूत्र के आधार पर सफलता प्राप्त की है। बिना प्रयास के सफलता प्राप्त नहीं की जा सकती। अपने प्रयास से सफल होकर आज सम्मानित हो रहे दुग्ध उत्पादकों का कार्य अन्य लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इनकी कार्यशैली सभी के सामने आनी चाहिए, जिससे अन्य लोग भी उसे अपनाकर अपना मार्ग प्रशस्त कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 10 डेयरियों की स्थापना तथा चार डेयरियों का विस्तार हो रहा है। प्रदेश में पहले 60-70 डेयरियां थीं। इनके बन्द होने के कारणों का उपचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादन और प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के सभी जनपदों में डेयरी संयत्र स्थापित किए जाने आवश्यक हैं। इस दिशा में प्रयास किया जा रहा है।
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