पुलिस आधुनिकीकरण के लिये होगा आयोग का गठन-योगी

लखनऊ। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को ऐलान किया है कि सरकार पुलिस आधुनिकीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के लिये तीन सदस्यीय आयोग का गठन करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अगले साल के अंत तक करीब सवा लाख आरक्षियों की भर्ती पूरी करने का भरोसा दिलाया है। सीएम ने कहा कि सरकार राज्य की जनता को बेहतर पुलिसिंग देने के साथ साथ पुलिस कर्मियों की समस्यायों के निदान के लिए कृतसंकल्प है।

मुख्यमंत्री ने ‘पुलिस स्मृति दिवस‘ के अवसर पर कहा कि पुलिस बल से सम्बन्धित विभिन्न पहलुओं पर समय-समय पर राज्य सरकार को अपनी संस्तुतियां उपलब्ध कराने और पुलिस आधुनिकीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के लिये तीन सदस्यीय आयोग का गठन किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2019 के अंत तक सवा लाख सिपाहियों की भर्ती पूरी होने से पुलिस बल में आरक्षियों की कमी लगभग खत्म हो जाएगी। इसका सीधा फायदा जनता को होगा। साथ ही पुलिसकर्मियों को छुट्टी मिलने में होने वाली समस्याओं का भी समाधान हो सकेगा। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों की कार्यसंस्कृति को बेहतर बनाने के लिये समय-समय पर उनके प्रशिक्षण की सुचारु व्यवस्था की जाएगी। पुलिसकर्मी भी अपने परिवार की बेहतर देखभाल कर सकेंगे, जिससे वे तनाव रहित होकर कार्य कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पुलिस बल की कमी को दूर करने और उनकी कार्यकुशलता बढ़ाने के लिये भर्ती की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि वर्ष 2018 में घोषित परिणाम के अनुसार 29,303 पुलिस आरक्षी प्रशिक्षणरत हैं, जिनमें 5341 महिला आरक्षी, 20134 पुरुष आरक्षी तथा 3828 पीएसी के जवान भी हैं। इसके अतिरिक्त 42 हजार पुलिस कर्मियों की भर्ती प्रचलित है। इनमें और तेजी लाने के लिए अगले चरण में 51,216 पुलिस कर्मियों की भर्ती का भी कार्यक्रम पुलिस भर्ती बोर्ड द्वारा घोषित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस की कार्यसंस्कृति बढ़ाने के लिये सरकार ने प्रोन्नतियां प्रदान करने पर विशेष बल दिया है। वर्ष 2017 में 9892 पुलिसकर्मियों को और इस साल 37575 पुलिसकर्मियों को प्रोन्नतियां प्रदान की गयी, जो कि अब तक का एक रिकाॅर्ड है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अपराधमुक्त एवं भ्रष्टाचारमुक्त प्रदेश बनाने के लिये गम्भीरता से कार्य शुरू किया गया है और पुलिस को कानून-व्यवस्था को चुस्त-दुरूस्त रखने के स्पष्ट निर्देश दिये गये हैं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कर्तव्यपालन के दौरान शहीद होने वाली पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि सरकार शहीद पुलिसर्मियों के साथ सहयोग करने के लिये तत्पर रहेगी। राज्य सरकार शहीदों के परिवारों के साथ है और उनके हित में सभी आवश्यक कदम उठा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे पुलिसकर्मी जो पुलिस मुठभेड़, आतंकवादी घटनाओं से निपटने तथा अन्य प्रकार से कर्तव्यनिर्वहन के दौरान घायल होकर कोमा में चले जाते हैं तथा जिनके परिवार के सामने भरण-पोषण का संकट उत्पन्न हो जाता है, उन्हें असाधारण पेंशन दिये जाने के लिए सम्बन्धित नियमावली में आगामी 30 नवम्बर तक जरूरी संशोधन किये जाने के निर्देश दिये गये हैं। इस मौके पर पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में एक सितम्बर 2017 से 31 अगस्त 2018 के बीच 67 पुलिस कर्मियों ने कर्तव्यपालन के दौरान शहादत दी। उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

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