मुख्यमंत्री योगी से मिलीं विवेक की पत्नी, सभी मांगी मानी, दिया आष्वासन -घर पर लगा राजनेताओं का जमावड़ा

लखनऊ। बहुराष्ट्रीय कंपनी के अधिकारी एवं 28 सितम्बर की मध्य रात्रि एक सिरफिरे पुलिसकर्मी की गोली से मारे गए विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना तिवारी ने अपनी मांग के मुताबिक सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अपनी अन्य मांगों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुलाकात के बाद कल्पना तिवारी संतुष्ट दिखीं और कहा कि मुख्यमंत्री ने उनकी सारी मांगें मान ली हैं। इस बीच, उनके घर पर विभिन्न दलों के नेताओं का आना-जाना लगा रहा। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेष यादव, बसपा महासचिव सतीष चन्द्र मिश्र, कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी के प्रतिनिधि के रूप में एक प्रतिनिधिमण्डल ने मृतक विवेक तिवारी की पत्नी से मुलाकात कर सहानुभूति व्यक्त की। इस बीच लखनऊ के नगर आयुक्त ने भी कल्पना से मुलाकात कर उनकी लखनऊ नगर निगम में नौकरी से संबंधित कार्यवाही पूरी की।

सोमवार को सुबह प्रदेष के उप मुख्यमंत्री डा. दिनेष शर्मा पुलिस की गोली से मारे गए विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना तिवारी के घर पहुंचे। वहां से वे अपने साथ कल्पना तिवारी और उनके भाई विष्णु को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास पर ले गए। इससे पहले रविवार को सीएम ने कल्पना तिवारी से फोेन पर बात की थी। मुख्यमंत्री से करीब आधे घंटे की मुलाकात के बाद कल्पना तिवारी ने बताया कि योगी जी ने उन्हें 25 लाख रुपये का मुआवजा, दोनों बेटी और विवेक की मां के लिए 5-5 लाख रुपये का फिक्स्ड डिपोजिट देने का फैसला किया है। कल्पना ने कहा कि मैंने पहले यह भी कहा था कि मुझे प्रदेश सरकार पर पूरा विश्वास है और आज मुख्यमंत्री से मिलने के बाद ये विश्वास और दृढ़ हो गया है। कल्पना ने कहा कि मुख्यमंत्री से जो भी मैं कहना चाहती थी, उसे सुना और पूरा आश्वासन भी दिया है। वहीं, कल्पना तिवारी से मुलाकात के बाद सीएम योगी ने प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार और डीजीपी ओपी सिंह से विवेक हत्याकांड में अब तक हुई जांच की प्रगति रिपोर्ट तलब की है। इससे पूर्व विवेक का परिवार अंत्येष्टि से पहले मुख्यमंत्री को बुलाने की मांग पर अड़ा था। बाद में 25 लाख का मुआवजा और नौकरी का आश्वासन मिलने के बाद परिवार के लोग मान गए थे। रविवार को यूपी के कानून मंत्री ब्रजेश पाठक की मौजूदगी में विवेक का अंतिम संस्कार किया गया था।
उधर, इस घटना पर उप मुख्यमंत्री डा. दिनेष शर्मा ने कहा कि सरकार इस घटना में कड़ी से कड़ी कार्रवाई करेगी। आरोपियों को बर्खास्तगी कर जेल भेजा गया है। स्व. विवेक के पूरे परिवार ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की है। उन्होंने कहा कि हम भी उनके बच्चों के भविष्य के प्रति चिन्तित हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों के नाम 5-5 लाख का डिपॉजिट उनकी पढ़ाई के लिए होगा। जबकि पांच लाख की एफडी उनकी माता जी के नाम होगी। उन्होंने कहा कि कल्पना तिवारी की योग्यता के अनुसार सरकारी नौकरी भी दी जायेगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है।

वहीं दूसरी ओर प्रदेष के पूर्व मुख्यमंत्री एवं समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेष यादव भी स्व. विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना तिवारी से मिलने उनके आवास पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा किये दर्दनाक घटना है, यह पहली बार नहीं है कि पुलिस पर उंगली उठी है, याद कीजिए उस सुमित गुर्जर की घटना पूरा वेस्टर्न यूपी आंदोलन कर रहा था, पूरे समाज के लोग आंदोलन कर रहे थे, जानना चाह रहे थे कि यह घटना कैसे हुई। उन्होंने कहा कि सजा तो लोकतंत्र में एक ही है सरकार हटे, आप किस लिए सरकार में हैं, आप क्या लोगों को मारने के लिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार काम तो कर नहीं रही, विकास भी नहीं कर रही सिर्फ लोगों को डरा रही है। लोगों के अंदर भय पैदा कर रहे हैं सरकार। उन्होंने कहा कि जो पूरा मामला है यह सरकार छिपा रही है, पुलिस छिपा रही है, और पुलिस क्यों छिपा रही है, कम से कम सच्चाई तो सामने आए, सरकार के लोग बता सकते हैं कि सना को नजरबंद क्यों किया गया है, परिवार के लोग कहते हैं कि उन्हें तो सच ही नहीं पता लगा, पता तो तब लगा जब गोली का निशान देखा। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी को अच्छी नौकरी नहीं मिलनी चाहिए, हमारी सरकार में जो नौकरी चाहिए वह दी हमने, दो बेटियां हैं उनका भविष्य क्या होगा, सरकार के पास खजाना भरा पड़ा है, 5 करोड़ रुपए की परिवार की मदद करनी चाहिए।

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