यूपी पुलिस में पुलिसकर्मियों की बम्पर भर्ती का ऐलान, एक नवंबर से शुरू होगी भर्ती – कुल 56 हजार 778 कर्मियों की भर्ती होगी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पुलिस में बड़े पैमाने पर सिपाहियों की भर्ती करने का ऐलान किया है। त्योहारों के मौसम में इसे राज्य सरकार की ओर से एक बड़ी सौगात कहा जा रहा है। सरकार प्रदेश में 51 हजार 216 पुलिस और पीएसी में, 3638 बंदी रक्षक तथा 1924 फायरमैन भर्ती करने जा रही है। यानि कुल 56 हजार 778 कर्मियों की भर्ती होगी। भर्ती की यह प्रक्रिया एक नवंबर से शुरू होगी। इसके अतिरिक्त करीब 42 हजार पुलिसकर्मियों की परीक्षा जो कि जून में हुई थी लेकिन इसमें कुछ गड़बड़िया हो गयी थी, इनकी पुर्नपरीक्षा 25 और 26 अक्टूबर को की जायेगी।

प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार और पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने गुरुवार को एक संयुक्त पत्रकार वार्ता में बताया कि 51 हजार 216 पुलिसकर्मियों की भर्ती की जायेंगी जिसमें सिविल और पीएसी दोनो जवान शामिल होंगे। इसके अन्तर्गत 32 हजार पदों पर सिविल पुलिस के आरक्षियों तथा 19216 पदों पर पीएसी के आरक्षियो की नई भर्ती की जायेगी। इस पद के लिये एक नवंबर से 30 नवंबर तक फार्म भरे जायेंगे। इसकी परीक्षा चार और पांच जनवरी 2019 को हो सकती है तथा परीक्षा का परिणाम जून 2019 के तीसरे सप्ताह में आ सकता है। सिविल कांस्टेबिल में महिलाओं के लिये 20 फीसदी पद आरक्षित रहेंगे। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में अग्निशमन विभाग में अग्निशमन अधिकारी के कुल स्वीकृत पांच हजार से अधिक पदों मे से 1924 पद रिक्त चल रहे है। इन पदों को भरने के लिये पांच नवंबर से चार दिसंबर तक आवेदन किया जा सकता है। इसकी परीक्षा की संभावित तिथि 10 जनवरी 2019 तथा परीक्षा का परिणाम जुलाई 2019 में आ सकता है।

इसी प्रकार कारागार प्रषासन को भी और अधिक चुस्त दुरूस्त बनाने के प्रयास किये जा रहे है। पुरूष बंदी रक्षकों के कुल स्वीकृत 6490 पदों में से वर्तमान समय में केवल 3514 तथा महिला बंदी रक्षकों के कुल स्वीकृत 721 पदों मेें से 96 पद ही भरें होने के कारण कारागार प्रशासन विभाग को भी जन शक्ति की कमी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होनें बताया कि शासन द्वारा कुल 3638 बंदी रक्षकों की शीघ्र ही नयी भर्ती करनें के निर्देश दिये गये है जिसमें 3012 पद पुरूष तथा 626 पद महिला बंदी रक्षकों के है। प्रमुख सचिव गृह ने बताया कि इन सभी पदों पर निर्धारित आरक्षण लागू होगा, सिविल कांस्टेबिल में महिलाओं के लिये 20 फीसदी पद आरक्षित रहेंगे। प्रमुख सचिव ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया में सिर्फ सिर्फ लिखित परीक्षा होगी। इंटरव्यू नहीं होगा। उन्होंने कहा कि भर्ती एजेंसियों के माध्यम से की जाएगी। इस बड़ी परीक्षा के दौरान मजिस्ट्रेट और पुलिस बल भी तैनात किए जाएंगे। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए एसटीएफ भी भर्ती परीक्षा पर नजर रखेगी।

प्रमुख सचिव ने बताया कि वर्तमान समय में 29 हजार से अधिक पुलिस कर्मी विभिन्न प्रशिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे है जिनमें 20134 पुरूष आरक्षी, 5341 महिला आरक्षी एवं 3828 पीएसी के आरक्षी है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी इस वर्ष जून माह में करीब 42 हजार सिपाहियों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। जिसमें कुछ गड़बड़ी की शिकायत के बाद इनकी पुर्न परीक्षा 25 और 26 अक्टूबर को की जायेगी। इस परीक्षा करीब नौ लाख 75 हजार परीक्षार्थी हिस्सा लेंगे। उन्होंने बताया कि पुलिस कर्मियों के मनोबल को बढ़ानें एवं उनकी कार्य संस्कृति को और बेहतर करने के लिये वर्ष 2018 में विशेष प्रयास करके 37 हजार 575 पुलिस कर्मियों को बड़ी संख्या में पदोन्नितियां प्रदान की गयी है। उन्होने बताया कि पदोन्नति प्राप्त पुलिस कर्मियों में से 2192 निरीक्षक, 7500 उपनिरीक्षक तथा 24651 हेड कांस्टेबल है। जबकि वर्ष 2017 में पदोन्नति पाने वाले पुलिस कर्मियों की कुल संख्या 9892 थी।

अरविन्द कुमार ने बताया कि पुलिस बल मंे सिपाहियों की कमी को शीघ्र पूरा करने के मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में 51,216 पुलिस आरक्षियों की शीघ्र ही नई भर्ती का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। इसके अन्र्तगत 32 हजार पदों पर सिविल पुलिस के आरक्षियों तथा 19 हजार 216 पदों पर पीएसी के आरक्षियो की नई भर्ती की जायेगी। उन्होने यह भी बताया कि सिविल पुलिस के आरक्षी पदों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने के उददेश्य से उनके लिये 20 प्रतिशत पद सुरक्षित होगे। उन्होनें यह भी बताया कि शासन द्वारा यह भी निर्णय लिया गया है कि पिछली बार हुई अंतिम पुलिस भर्ती के दौरान पात्र ऐसे अभ्यर्थी जिनकी आयु सीमा अब वर्तमान मे होने वाली नयी भर्ती के आवेदन के दौरान निकल गयी है, उन्हे भी आयु सीमा में छूट प्रदान कर मौका दिया जायेगा।

विदित हो कि वर्तमान समय में पुलिस विभाग में लगभग 42 प्रतिशत रिक्तियां पुलिस आरक्षी स्तर, 50 प्रतिशत रिक्तिया जेल वार्डन स्तर तथा 38 प्रतिशत रिक्तियां फायर मैन स्तर, पर चल रही है। पुलिस विभाग में सिविल पुलिस एवं पीएसी में कुल स्वीकृत दो लाख 29 हजार से अधिक पदों में से 97 हजार से अधिक पद वर्तमान समय में रिक्त चल रहे है। अब पहले से चल रही भर्ती और इस नयी भर्ती से अगले वर्ष तक पुलिस विभाग में जो करीब 97 हजार पुलिसकर्मियों की कमी थी वह पूरी हो जायेगी।

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