विपक्ष की विकास विरोधी गतिविधि का हो रहा पर्दाफाश-नकवी

लखनऊ। केन्द्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने विरोधी दलों के महागठबंधन के प्रयासों पर कटाक्ष करते हुए कहा है कि सत्ता के लिए ‘जल बिन मछली’ की तरह तडप रहे ‘भानुमती के कुनबे’ की विकास विरोधी गतिविधि का पर्दाफाश हो रहा है। उन्होंने कहा कि ये कुनबा नयी नयी तोड मरोड कर पेश की गयी कहानियों के माध्यम से देश का माहौल नकारात्मक करने की कोशिश कर रहा है। उसकी विकास विरोधी गतिविधि का पर्दाफाश हो रहा है।

केन्द्रीय मंत्री नकवी ने यहां भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि भानुमती का कुनबा जब से सत्ता से बेदखल हुआ है, जल बिन मछली की तरह सत्ता के लिए तडप रहा है। इससे पहले बैठक में नकवी ने कहा कि दशकों से भारत के अल्पसंख्यकों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक सशक्तीकरण का श्सेक्यूलर सिंडीकेटश् ने अपहरण कर रखा था। देश के अल्पसंख्यकों के सशक्तीकरण का जिन ताकतों ने अपहरण किया था, आज वही ताकतें फिर सक्रिय होकर अल्पसंख्यकों को गुमराह करने की साजिश में लगी हैं। उन्होंने कहा कि हम समाज के समावेशी विकास के रास्ते पर आगे बढ रहे हैं। हमारे लिए विकास राजनीति नहीं बल्कि राष्ट्रनीति है। उन्होंने ने कहा कि उसी नीति पर केन्द्र में नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली और उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकारें काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि लगभग साढ़े चार वर्षों के दौरान मोदी सरकार ने ‘वोट के सौदे’ की राजनीति को ध्वस्त कर ‘विकास के मसौदे’ पर आधारित राष्ट्रनीति के साथ काम किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सबका साथ सबका विकास एवं सर्वस्पर्शी विकास के मजबूत संकल्प के साथ काम किया है, जिसका नतीजा है कि आज गरीब, कमजोर तबके, अल्पसंख्यक देश में हो रहे विकास के बराबर के हिस्सेदार बने हैं।

उन्होंने कहा कि हम समाज को तोड़ने की राजनीति नहीं बल्कि समाज को जोड़ने की राष्ट्रनीति पर यकीन करते हैं। नकवी ने कहा कि सत्ता में प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा के प्रति देश के लोगों का विश्वास लगातार बढ़ा है। पिछले लगभग साढ़े चार साल में भाजपा-राजग 20 राज्यों में सत्ता में पहुंच गई हैं। अगर जनसंख्या के आधार पर बात करें, तो इन राज्यों में देश की करीब 70 फीसदी आबादी रहती है। केन्द्रीय मंत्री नकवी ने कहा कि प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम अल्पसंख्यकों और समाज के अन्य कमजोर वर्गों के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक सशक्तीकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार देश के 308 जिलों में अल्पसंख्यकों विशेषकर लडकियों का शैक्षिक सशक्तीकरण सुनिश्चित करने के मकसद से मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के लिए युद्धस्तर पर अभियान शुरू किया गया है। नकवी ने कहा कि सम्मान के साथ विकास मोदी सरकार की नीति है और इसी का नतीजा है कि आजादी के बाद पहली बार इस साल 51 मुस्लिमों सहित अल्पसंख्यक समुदाय के 131 युवा सिविल सेवा के लिए चयनित हुए। कहा कि केन्द्र सरकार की नौकरियों में अल्पसंख्यकों का प्रतिनिधित्व 2014 में 4.9 प्रतिशत था जो अब बढकर 9.8 प्रतिशत हो गया है।

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