अलीगढ़ मुठभेड़ कांड की हो उच्चस्तरीय जांच-बृजेन्द्र सिंह पूर्व सांसद

अलीगढ़। वरिष्ठ कांग्रेस नेता अलीगढ़ से पूर्व सांसद चैधरी बृजेन्द्र सिंह ने हरदुआगंज क्षेत्र में पिछले सप्ताह दो ‘इनामी बदमाशों’ के कथित पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने को आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण की सोची-समझी साजिश करार देते हुए आज इसकी उच्चस्तरीय जांच की मांग की।

पूर्व सांसद ने यहां संवाददाताओं से कहा कि पिछले गुरुवार को अलीगढ़ में अल्पसंख्यक समुदाय के दो लोगों को पुलिस मुठभेड़ के नाम पर मार डाला गया। यह प्रदेश को ‘अव्यवस्थित करने और देश में साम्प्रदायिक धु्रवीकरण करने का सुनियोजित षड्यंत्र है। उन्होंने मांग की कि इस मामले की उच्च न्यायालय के किसी सेवारत न्यायाधीश या सीबीआई से जांच करायी जाए। इस सिलसिले में सभी राजनीतिक दलों को आगे आना चाहिये। इस मामले से जुड़ी सभी कड़ियों, जिनमें हाल के महीनों में अतरौली के आसपास मंदिरों के तीन पुजारियों समेत छह लोगों की हत्या भी शामिल है, की बारीकी से जांच की जानी चाहिये। पूर्व सांसद ने कहा कि मुठभेड़ की वीडियो क्लिप को देखकर कोई बच्चा भी यह बता सकता है कि उस घटना की पटकथा पहले ही लिखी जा चुकी थी।

मालूम हो कि गत 20 सितम्बर को हरदुआगंज थाना क्षेत्र के मछुआ गांव के पास पुलिस ने मुस्तकीम तथा नौशाद नामक इनामी बदमाशों को मुठभेड़ में मारने का दावा किया था। दोनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। दोनों अपराधियों ने मरने से पहले अपने बयान में इस महीने के शुरू में हुई दो साधुओं की हत्या के मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार की थी। दूसरी ओर, मुठभेड़ में मारे गए नौशाद की मां शाहीन का कहना था कि उसका बेटा पेशे से मजदूर था और पुलिस ने नौशाद तथा उसके बहनोई मुस्तकीम को पिछले रविवार को अतरौली क्षेत्र में अनेक तमाशबीनों के सामने जबरन उठा लिया था और मुठभेड़ के नाम पर दोनों को मार डाला।

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