कृषि क्षेत्र की उन्नति के लिए राज्यपाल की अध्यक्षता वाली समिति ने राष्ट्रपति को दी रिपोर्ट

लखनऊ। किसानों की आय को वर्ष 2022 तक दोगुना करने की दृष्टि से गठित पांच सदस्यीय राज्यपालों की समिति ने राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द को उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक के नेतृत्व में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की है। इस अवसर पर वरिष्ठतम राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हन आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना, कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला, हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत एवं मध्य प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल भी उपस्थित थे। राष्ट्रपति को प्रस्तुत 48 पृष्ठीय रिपोर्ट में समिति ने अन्य 22 प्रदेशों के राज्यपालध्उप राज्यपालों के सुझावों का समावेश करते हुये 21 मुख्य संस्तुतियाँ की हंै।

विदित हो कि इसी साल चार व पांच जून 2018 को राष्ट्रपति भवन में आयोजित राज्यपालों के सम्मेलन से पूर्व एक औपचारिक बैठक में तीन जून 2018 में ‘अप्रोच टू एग्रीकल्चर-ए होलिस्टिक ओवरव्यू’ विषय पर सुझाव देने हेतु उक्त समिति का गठन उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक की अध्यक्षता में राष्ट्रपति द्वारा किया गया था। समिति में हरियाणा, कर्नाटक, हिमांचल प्रदेश एवं मध्य प्रदेश के राज्यपालों को सदस्य नामित किया गया था। राज्यपालों के सम्मेलन में वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने के लक्ष्य सहित अनेक विषयों पर चर्चा हुई थी। राष्ट्रपति को प्रेषित रिपोर्ट में किसानों की आय वर्ष 2022 तक दोगुना किये जाने के दृष्टिगत कृषि क्षेत्र के मुख्य पक्षों, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, जल सुरक्षा तथा पर्यावरण सुरक्षा सम्बन्धी मुद्दों को सम्मिलित किया गया है। रिपोर्ट में वर्तमान में देश की कृषि की स्थिति एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत का परिदृश्य तथा कृषि क्षेत्र के सम्मुख खड़ी चुनौतियों की विवेचना करते हुए चिन्हित मुद्दों की समीक्षा एवं भविष्य के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिये गये है।

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