मुझे इलाहाबाद ना जाने देने के पीछे केन्द्र सरकार की भी भूमिका

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने मंगलवार को खुद को इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में जाने से रोकने में केन्द्र सरकार की भी भूमिका होने का आरोप लगाते हुए कहा कि केन्द्र की मिली भगत के चलते ही रोक के बावजूद पुलिस और खुफिया विभाग के अफसरों ने उन्हें विमान पर चढ़ने से रोक दिया।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटना के बाद यहां पत्रकार वार्ता में आरोप लगाया कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में सपा समर्थित प्रत्याशी के हाथों अपने उम्मीदवार को मिली पराजय से तिलमिलायी प्रदेश की भाजपा सरकार ने मुझे छात्रसंघ कार्यक्रम में शरीक होने से रोक दिया। प्रदेश सरकार मुझे हवाई अड्डे पर नहीं रोक सकती थी, यह काम दिल्ली सरकार का है। मुझे लगता है कि दिल्ली की सरकार भी इसमें मिली हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि रात में स्थानीय अभिसूचना इकाई और पुलिस के कुछ अफसरों ने उनके घर की ‘रेकी’ की।

आज सुबह साढ़े छह बजे तीन अधिकारी उनके घर के पास बैठा दिये गये। स्थानीय पुलिस हवाई अड्डा परिसर में नहीं जा सकती क्योंकि उसकी सुरक्षा और प्रबंध किसी दूसरे बल के पास है लेकिन उसके बावजूद वे अफसर पहुंचे और हवाई जहाज में मुझे चढ़ने से रोक दिया। मुझे रोकने वाले अफसर के पास कोई लिखित आदेश भी नहीं था।

सपा अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कह रहे हैं कि मैं अराजकता और हिंसा फैलाने जा रहा था। मैं सन्यासी योगी से पूछना चाहता हूं कि अगर मेरे राजनीतिक जीवन में मेरे ऊपर एक भी धारा लगी हो तो बताएं। उन्होंने मीडिया को कुछ तख्तियां पेश करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी अपराधियों की तख्ती की बात बहुत करते हैं। मैं चाहता हूं कि उनकी तख्ती आज जरूर सामने आये। यह मुख्यमंत्री पर लगी धाराओं की तख्ती है। यह पहले मुख्यमंत्री होंगे जिन्होंने खुद ही अपने मुकदमे वापस लिये हैं। आप चुनाव आयोग के रिकॉर्ड में देखें तो यही धाराएं आपको दिखेंगी। ये हमसे कह रहे हैं कि हम हिंसा फैलाना चाहते हैं। हिंसा करने वाला ही आज मुख्यमंत्री बन गया। इन्होंने ही सबको हिंसा करना सिखाया है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष पद पर हाल में सपा समर्थित प्रत्याशी उदय यादव चुने गये थे। उनके शपथग्रहण समारोह में उन्हें शामिल होना था। इसके लिये उन्होंने अपना कार्यक्रम पिछली 27 दिसम्बर को भेजा था। उसके बाद इसी महीने दो बार फिर कार्यक्रम भेजा गया। मगर इस मामले में सरकार की नीयत साफ नहीं रही। भाजपा इलाहाबाद विश्वविद्यालय के चुनाव को अपना चुनाव मान रही थी। पूरी सरकार और उसके मंत्री चुनाव लड़ रहे थे। जब इसमें सपा समर्थित प्रत्याशी जीत गया तो उसके हॉस्टल के कमरे में आग लगा दी गयी।

उन्होंने कहा कि अभी जब कार्यक्रम बिल्कुल करीब आ गया, तो जहां मंच बना था वहां तीन बम चलाये गये। प्रशासन तथा सरकार ने ना तो उदय यादव के हॉस्टल में आगजनी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की और ना ही बमबाजी करने वालों के खिलाफ। लोकतंत्र में ऐसा पहले नहीं हुआ होगा कि प्रशासन बम फेंकने की इजाजत दे। उन्होंने कहा कि जनता लोकसभा चुनाव का इंतजार कर रही है। वह मन बना चुकी है कि उसे क्या करना है।

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