गन्ना मूल्य बकाये को लेकर विपक्ष ने किया विधानसभा से बहिर्गमन

लखनऊ। प्रदेश विधानसभा में बकाये गन्ने मूल्य के भुगतान के मुद्दे पर विपक्ष ने योगी सरकार को घेरा। विपक्षी सदस्यों का आरोप था कि चुनाव के समय वादा किया था कि 14 दिन के अन्दर गन्ना किसानों के बकाये का भुगतान ब्याज सहित कर दिया जायेगा लेकिन अब तक बकाये का भुगतान नहीं हुआ है। वहीं सरकार ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दावा किया कि सरकार ने वर्ष 2017-18 में सर्वाधिक भुगतान किया गया है।

इसके अलावा बंद चीनी मिलों को लेकर भी दोनों पक्षों में नोंकझोंक हुई। बाद में सपा, बसपा और कांग्रेस के सदस्यों ने सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाते हुए सदन से बहिर्गमन कर विरोध दर्ज कराया।

बजट सत्र के दूसरे दिन बुधवार को प्रष्नकाल के दौरान कांग्रेस सदस्य अजय कुमार लल्लू, सपा के राकेष प्रताप सिंह तथा संजय गर्ग गन्ना मूल्य बकाये को लेकर सरकार से सवाल जवाब किया।

वहीं सरकार की ओर से उत्तर देते हुए चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार सुरेश राणा ने बताया कि प्रदेष के गन्ना के किसानों का विभिन्न पेराई सत्रों का 31 दिसम्बर 2018 तक 6054.23 करोड़ रुपए का गन्ना मूल्य भुगतान बकाया है।

उन्होंने यह भी बताया कि सरकार निगम की दो चीनी मिलों पिपराईच (गोरखपुर) व मुण्डेरवा (बस्ती) में नयी चीनी मिल स्थापित कर जल्द ही पुनः संचालित करायी जायेगी।

इसके अलावा निजी क्षेत्र की तीन बंद चीनी मिलों गागलहेड़ी, मझावली व बुलन्दशहर को उनके निजी प्रबंध तंत्र के माध्यम से पेराई सत्र 2017-18 में संचालित कराया गया है।

वर्तमान में भारत सरकार के अधीन चार, सहकारी क्षेत्र की चार, निगम क्षेत्र की आठ तथा निजी क्षेत्र की 20 कुल 36 चीनी मिलें बन्द हैं।

उन्होंने कहा कि साल 2007 से 2012 तक 19 चीनी मिलें बंद हुईं। जबकि 2012 से 2017 के बीच दस मिलें बंद हुईं। उन्होंने कहा कि इस सरकार के 22 महीने के कार्यकाल में 52000 करोड़ का भुगतान कराया गया। उन्होंने बताया कि 1053 करोड़ रुपए का भुगतान ही अभी बकाया है। 97 फीसदी भुगतान किसानों को कराया जा चुका है।

वहीं इस मुद्दे पर नेता विरोधी दल सपा के राम गोविन्द चैधरी, बसपा के लालजी वर्मा आदि ने भी सरकार से सवाल जवाब किया। नेता प्रतिपक्ष राम गोविन्द चैधरी और बसपा के लालजी वर्मा ने जानना चाहा कि किसानों को पूरा भुगतान करने में कितना समय लगेगा और बंद चीनी मिलों को सरकार कब तक चालू करा देगी।

बाद में सरकार के उत्तर से असंतुष्ट होकर सपा व बसपा सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन कर विरोध दर्ज कराया तो वहीं पहले कांग्रेस के सदस्य वेल में आये और फिर उन्होंने भी सदन से बहिर्गमन कर दिया।

Share this

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *