अब यूपी में भी मिलेगा गरीब सवर्णों को आरक्षण

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने भी अब सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लोगों को दस फीसदी आरक्षण देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को यहां हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में यह महत्वपूर्ण फैसला किया गया।
बैठक के बाद राज्य सरकार के प्रवक्ता उर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने संवाददाताओं को बताया कि केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार, नयी दिल्ली द्वारा निर्गत अधिसूचना 12 जनवरी 2019 के माध्यम से भारत के संविधान में संशोधन करते हुए सरकारी सेवाओं की सभी श्रेणियों में नियुक्ति के लिए और सरकारी शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश के लिए आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों ‘गरीब सवर्णों’ के लिए अधिकतम दस प्रतिशत का आरक्षण अनुमोदित किया गया है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा निर्गत गजट अधिसूचना में किया गया प्रावधान, जिसे हमारे यहां 14 जनवरी 2019 से प्रभावी किया गया है और भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा अक्षरशः जो संशोधन हैं, उनका अनुपालन उत्तर प्रदेश सरकार करेगी।
उन्होंने कहा कि बिना किसी के आरक्षण को छेडे हुए, सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए दस प्रतिशत आरक्षण की जो व्यवस्था केन्द्र सरकार ने की है, उस पर उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने मुहर लगायी है। उन्होंने कहा कि मंत्रिपरिषद ने व्यावहारिक रूप से सहमति दे दी है। आगे की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। सैद्धांतिक रूप से स्वीकृति दे दी गयी है। गुजरात और झारखंड के बाद उत्तर प्रदेश देश का तीसरा राज्य बन गया है, जिसने यह प्रस्ताव मंजूर किया है।

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