पदोन्नति में आरक्षण एवं एससी-एसटी एक्ट के विरोध में ‘करो या मरो’ का राष्ट्रव्यापी संघर्ष का ऐलान – लाइटनिंग हड़ताल की चेतावनी -संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान दिल्ली में विशाल रैली

लखनऊ। सर्वजन हिताय संरक्षण समिति के तत्वावधान में शुक्रवार को यहां हुए राष्ट्रीय सम्मेलन में पदोन्नति में आरक्षण व एससी-एसटी संशोधित एक्ट के विरोध में व्यापक जन आंदोलन चलाने का निर्णय लिया गया। कर्मचारियों, अधिकारियों, शिक्षकों, अधिवक्ताओं व आम लोगों के विशाल सम्मेलन में यह ऐलान किया गया कि पदोन्नति में आरक्षण लागू करने हेतु केन्द्र, राज्य सरकार की किसी भी एकतरफा कार्यवाही के विरोध में प्रदेश के तमाम अट्ठारह लाख कर्मचारी, अधिकारी व शिक्षक बिना और कोई नोटिस दिये लाइटनिंग हड़ताल शुरू कर देंगे जिसकी सारी जिम्मेदारी सरकार की होगी। सम्मेलन में यह भी निर्णय लिया गया कि संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान दिल्ली में विशाल रैली की जायेगी। रैली के पूर्व प्रदेश में जागरूकता रथ निकाला जायेगा और सभी जनपदों में आम सभा व प्रेस वार्ता कर केन्द्र, राज्य सरकार की नीति व नीयत का खुलासा किया जायेगा।

सम्मेलन में पारित प्रस्ताव में विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अनुरोध किया गया कि व्यापक राष्ट्रीय हित में वे प्रभावी हस्तक्षेप करें जिससे पदोन्नति में आरक्षण और एससी-एसटी एक्ट के नाम पर सामाजिक समरसता में विष घोल रही घातक नीति को निर्मूल किया जा सके, सरकारी नौकरियों में ज्येष्ठता व श्रेष्ठता के सर्वमान्य सिद्धान्त का सम्मान व परिपालन सुनिश्चित किया जा सके और सामाजिक सद्भाव बनाये रखते हुए एक सशक्त भारत का निर्माण किया जा सके। प्रस्ताव मंे कहा गया है कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय की मनमानी व्याख्या कर यदि केन्द्र, प्रदेश सरकार पदोन्नति में आरक्षण लागू करने की कोशिश करेगी तो इसकी गम्भीर प्रतिक्रिया होगी। सम्मेलन में केन्द्र सरकार द्वारा पदोन्नति में आरक्षण के मामले में चार बार संविधान संशोधन कर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को निष्प्रभावी करने की घोर निन्दा की गयी। सम्मेलन में एससी-एसटी एक्ट पर 20 मार्च 2018 को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिये गये निर्णय को पलटकर संशोधित एक्ट जारी करने की कार्यवाही को अलोकतांत्रिक करार दिया गया। सम्मेलन में संकल्प लिया गया कि ‘करो या मरो’ की भावना से केन्द्र सरकार के अलोकतांत्रिक कदमों का विरोध किया जायेगा।

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