‘‘मैं चुप नहीं…………………………….’’

शिवम तिवारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के राजभवन को विपक्ष द्वारा बार-बार लगातार निशाने पर लिए जाने से आहत राज्यपाल राम नाईक ने साफ कर दिया है कि ना तो उनकी कोई मजबूरी है और ना ही वे चुप हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि ‘‘राजभवन की वाणी को भी किसी ने विराम नहीं लगाया है। हां, यह जरुर है कि मैं राज्यपाल की गरिमा के अनुरुप बोलता हूं। सभ्य भाषा में अपने विचार रखता हूं, न कि आपकी शैली में।’’
दरअसल सूबे की कानून-व्यवस्था को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद राज बब्बर ने प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक को बीती दो नवम्बर को चार पृष्ठों का एक पत्र लिखा था और उनसे हस्तक्षेप की मांग की थी।
सूबे की कानून-व्यवस्था को लेकर उन्होंने अपने पत्र में घटनाओं का संक्षिप्त विवरण देते हुए चिन्ता व्यक्त की थी। अपने पत्र में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए यह भी लिखा था कि ‘‘ऐसे में सारी निगाहें आपकी तरफ हैं। मैं लगातार ये समझने की कोशिश कर रहा हूं कि आपको आखिरकार किसने शिथिल कर रखा है।
letter bomb/www.mediaamantra.com
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विपक्ष के लिए ये चिंता की बात है कि महामहिम राज्यपाल की आखिर कैसी मजबूरी-कि वो चुप हैं। राजभवन जीवंत और स्पंदनशील संस्थान है जिसकी सक्रियता को यूपी की जनता ने हमेषा महसूस किया है। लेकिन आजकल राजभवन की वाणी पर विराम को भी महसूस किया जा रहा है।’’
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर की इस टिप्पणी पर एक प्रकार से आपत्ति दर्ज कराते हुए राज्यपाल नाईक ने अपने उत्तर में लिखा कि ‘‘राजनीति में संवैधानिक पदों का सम्मान लोकतंत्र की पहचान होती है। आप की भाषा सर्वथा उचित नहीं हैं, इसका मुझे खेद है।
यह बात बिल्कुल सही नहीं है कि मेरी कोई मजबूरी है, मैं चुप हूं या किसी ने राजभवन की वाणी पर विराम नहीं लगाया है। राज्यपाल पद स्वीकार कर मुझे चार वर्ष 3 महीने पूरे हो गए हैं। आप वृत्तपत्र पढ़ते ही होंगे, मेरी वाणी पर कोई विराम देखने के लिए नहीं मिलेगा।’’
इसके साथ ही राज्यपाल राम नाईक ने यह भी साफ किया कि चूंकि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने उन्हें लिखे पत्र को मीडिया को भेजा था, इसलिए वे भी अपने जवाब के तौर पर लिखे गए पत्र को मीडिया को उपलब्ध करा रहे हैं। साथ ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के पत्र को संलग्न करते हुए सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को यथोचित कदम उठाने की मंशा व्यक्त करते हुए अग्रसरित किया है।
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