सिपाही भर्ती परीक्षा: 27 और मुन्नाभाई गिरफ्तार, 10 लाख रुपया बरामद

लखनऊ । उत्तर प्रदेश पुलिस की सिपाही भर्ती परीक्षा को दूषित करने वाले बड़े पैमाने पर सक्रिय थे। यही वजह है कि सूबे की स्पेषल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने मंगलवार को 27 और मुन्नाभाईयों को दबोचा। इनकी गिरफ्तारी मेरठ, मथुरा और आगरा से हुई है। सॉल्वर गैंग के सदस्यों में बिहार और हरियाणा के लोग शामिल हैं।
मेरठ में मंगलवार 22 मुन्ना भाई को पुलिस ने बड़ी मात्रा में मोबाइल फोन तथा दस लाख रुपया नकद के साथ गिरफ्तार किया। यह सभी लोग मेरठ के परीक्षा केंद्रों में दूसरे की जगह परीक्षा देने के प्रयास में थे।
इनको एसटीएफ ने गिरफ्तार किया। विदित हो कि सोमवार को भी 19 मुन्ना भाईयों की गिरफ्तारी हुई थी। सॉल्वर गिरोह ने प्रत्येक परीक्षार्थी से नकल के नाम पर चार से पांच लाख रुपये वसूले थे।
इनके कब्जे से 26 मोबाइल, 10 लाख रुपये, प्रिंटर, लैपटॉप और भारी मात्रा में छात्रों के दस्तावेज मिले हैं। एसटीएफ ने मेरठ में इस गिरोह को कंकरखेड़ा इलाके में एक मकान से पकड़ा गया है।
इनका मास्टरमाइंड शकील है जो बागपत के कुरड़ी गांव का रहने वाला है। शकील का यूपी पुलिस कॉस्टेबल के पद पर वर्ष 2015 में चयन हुआ है। शकील ने एक दिन पहले हुई परीक्षा में कई जिलों में सॉल्वर बैठाए थे।
शकील ने एसटीएफ को बताया कि करीब 50 छात्रों से सौदा तय हुआ था। वह लोग दस छात्रों से ही पैसा वसूल पाए थे। गिरोह आधार कार्ड पर फोटो बदलकर सॉल्वर को परीक्षा कक्ष में बैठाते थे।
इससे पहले इस गिरोह ने रेलवे ग्रुप-डी की परीक्षा में सॉल्वर बैठाकर कई छात्रों का चयन कराया है। सभी आरोपी हरियाणा के सोनीपत व पानीपत के रहने वाले हैं। आरोपी सॉल्वर को एक लाख रुपये देते थे और अभ्यर्थी से चार लाख रुपये परीक्षा में पास कराने के नाम पर लेते थे।
उधर, आगरा के सिकंदरा से भी एक सॉल्वर को पकड़ा गया है। सिकन्दरा के पनवारी स्थित बाल मुकुंद इंटर कॉलेज में परीक्षा दे रहा सॉल्वर जय प्रकाश बिहार के बक्सर जिले के हमीरपुर का रहने वाला है। वह यहां अलीगढ़ के थाना गोदाम स्थित कैंट निवासी हेमंत की जगह पर लिखित परीक्षा दे रहा था।
Share this

media mantra news

Technology enthusiast

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *