About Us

मीडिया जब अपने मूल स्वभाव के विपरीत जाने लगे तो इसे खतरे की घण्टी समझिए। कुछ अर्से से यही हो रहा है। मीडिया पर सवाल उठने लगे हैं। उसकी निष्पक्षता पर अंगुलियां उठने लगी हैं। खबरें ‘प्लाण्ट’ हो रही हैं। पत्रकारों की जगह व्यवसायी और सियासी लोगों का दखल होने लगा है। अपने निजी लाभ के लिए मीडिया का इस्तेमाल होने लगा है। पहले यह सब बड़े-बड़े व्यवसायी एवं राजनेता कर रहे थे। इनकी देखा देखी छोटे व्यवसायी एवं राजनेता भी उसी रास्ते पर चल पड़े हैं। इसका नतीजा सामने है। तथ्यपूर्ण खबरों का संकट गहरा गया है। वैचारिक मंच चरमराने लगा है। पत्रकारों की निष्पक्षता संदिग्ध होने लगी है। खबरों का प्रकाशन या उसका ‘किल’ होना सौदेबाजी का जरिया बन गया है। ऐसे में वास्तविक पत्रकारिता संकट में पड़ गयी है। सहाफी मिजाज पर असर पड़ने लगा है। अस्तित्व का संकट खड़ा हो गया है। आखिर ऐसे हालात से कैसे उबरा जाये ? इस उम्मीद का जगाना भी जरूरी है।

‘‘मीडिया मंत्रा’’ न्यूज पोर्टल  इसी उम्मीद का प्रतीक है। अभी हम सीमित हैं लेकिन विस्तार का अंत नहीं है। इस पोर्टल के माध्यम से खबरों की सच्चाइयां लाने का प्रयास होगा। सरकार व संस्थाओं के दावे की पुष्टि और आंकलन होंगे। समाज में हो रहे परिवर्तन की तस्वीर होगी। प्रतिबद्ध पत्रकारिता के लिए उसी तरह के संवाददाताओं को पोर्टल से जोड़ा गया है।

यह पोर्टल प्रतिबद्धता और सिद्धांत आधारित है। बस….. आपका सहयोग अपेक्षित है।